भोपाल। प्रदेश में अब सूदखोरों की शामत आएगी,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सूदखोरों और साहूकारों द्वारा लिए जाने वाले मनमाना ब्याज के कारण होने वाली घटनाएं असहनीय हैं। इस तरह की हृदय विदारक घटनाओं पर नियंत्रण को सरकार ने गंभीरता से लिया है। असंवैधानिक रूप से सूदखोरी करने वालों के विरुद्ध सख्त अभियान चलाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोगों के विरुद्ध निगरानी अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। भोपाल में सूदखोर से परेशान होकर एक ही परिवार के पांच लोगों द्वारा जहर पीने और सुसाइड नोट छोड़ने के मामले पर बुलाई गई आपात मीटिंग में सीएम चौहान ने ये निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, डीजीपी विवेक जाैहरी, अपर मुख्य सचिव गृह राजेश राजाैरा, प्रमुख सचिव की मौजूदगी में कहा कि सूदखोरों और साहूकारों की गतिविधियों की निगरानी की जाए। अवैधानिक रूप से लाइसेंस लिए बगैर सूदखोरी और साहूकारी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
सूदखोर से तंग परिवार की दूसरी बेटी ने भी दमतोड़ा, टीआई की भूमिका संदिग्ध
भोपाल में सूदखोर गैंग से परेशान होकर जहर खाने वाले परिवार की दूसरी बेटी ने भी दम तोड़ दिया। परिवार में यह तीसरी मौत शनिवार सुबह हुई। जबकि संजीव और उसकी पत्नी की हालत भी गंभीर बनी हुई है। अब तक परिवार में दादी और दोनों पोतियों की मौत हो चुकी है। पिपलानी टीआई अजय नायर के मुताबिक तीसरी बच्ची गृष्मा ने आज सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। इस बीच सूत्रों की माने तो बबली गैंग के खिलाफ पूर्व में हुई शिकायत में तत्कालीन थाना प्रभारी चैन सिंह रघुवंशी की भूमिका संदिग्ध पाई जा रही है। इसलिए पूर्व की जांच को पुलिस अफसरों ने तलब किया है। इस बीच पीड़ित परिवार के करीबियों ने बताया कि संजीव के पास करीब सवा करोड़ की प्रॉपार्टी थी। वे उसमें से कुछ प्रॉपर्टी बेचकर कर्ज चुकाना चाहते थे, लेकिन कजर्दारों ने उन्हें इसके लिए समय नहीं दिया। रोजाना बेइज्जती करते थे, इससे परिवार पूरी तरह टूट गया था।