वोटरों से सीधे सम्पर्क का चुनावी मिशन
भोपाल। हाल ही में हुए उपचुनाव में जोबट और पृथ्वीपुर सीट पर जीत से उत्साहित भाजपा संगठन अब आने वाले दिनों में बूथ स्तर पर संगठन की और मजबूती के लिए रणनीति बना रहा है। इसके जरिये पार्टी की मिशन 2023 जीत के लिए पार्टी का वोट प्रतिशत दस फीसदी और बढ़ाने का टारगेट रहेगा। पार्टी की यह कोशिश रहेगी कि चुनाव के दौरान अकेले पचास फीसदी मत भाजपा को ही मिलें और बाकी वोट कांग्रेस और अन्य दूसरे दलों को मिलें ताकि जीत आसान हो सके। प्रदेश में बूथ स्तर पर पार्टी की मजबूती के लिए लगातार कोशिश कर रहा प्रदेश संगठन बूथ संयोजक, बूथ अध्यक्ष और पन्ना प्रभारी के बाद अब तक पन्ना समितियां बनाने का काम कर चुकी है। इसके जरिये पार्टी के कार्यकर्ता बूथ के अधीन रहने वाले वोटर के सीधे संपर्क में आने का काम करते हैं। अब पार्टी वोटिंग के दौरान अकेले भाजपा के पक्ष में 50 प्रतिशत वोटिंग कराने की तैयारी पर फोकस करेगी। संगठन ने तय किया है कि आने वाले समय में इसके लिए प्रदेश संगठन माइक्रो लेबल तक योजना पर काम करेगा। हर बूथ पर प्लस 10 प्रतिशत मतदान भाजपा के पक्ष में हो, इसके लिए बूथ कार्यकर्ताओं को तैयार किया जाएगा। पार्टी के कार्यकर्ता अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग सहित सभी वर्गो के बीच पहुंचकर उनके हित में केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी देंगे। पार्टी अगले सवा साल तक इसके लिए कार्ययोजना पर काम करेगी और समाज के सभी वर्गो को जोड़ेगी। बूथ के कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों के दौर बढ़ेंगे ताकि बूथ समितियों को मजबूत करने का काम सशक्त हो।
पंचायत चुनाव में प्रत्याशी को चुकाने होंगे 35 रुपए
मध्य प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव में अब उम्मीदवार बनने के लिए 35 रुपये चुकाने होंगे। दरअसल नई व्यवस्था के तहत जिला पंचायत सदस्य, जनपद पंचायत सदस्य पद को ऑनलाइन ही नामांकन दाखिल करना होगा। राज्य लोक सेवा अधिकरण ने ऑनलाइन नॉमिनेशन फाइल करने के लिए अपने रेट तय कर दिये हैं। प्रत्याशी लोक सेवा केंद्र एमपी ऑनलाइन किओस्क से नॉमिनेशन फॉर्म के लिए 35 रुपए देकर नॉमिनेशन भर सकेंगे। नामांकन पत्र भरने के बाद उसका प्रिंट आउट लेने पर हर कॉपी पर 5 रुपए अतिरिक्त देना होगा। सरपंच और पंचों को ऑनलाइन नामांकन नहीं बल्कि निर्वाचन कार्यालय में जाकर ही फॉर्म भरना रहेगा। लेकिन जिला पंचायत के लिए ऑनलाइन नामांकन होगा।गौरतलब है कि लंबे समय से पंचायत चुनाव अटके हुए हैं, पंचायत चुनाव के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष पद का आरक्षण होना बाकी है। आरक्षण प्रक्रिया पूरी होते ही राज्य निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव की तारीखों का ऐलान कर देगा।