ग्वारीघाट व कुंडम के अंधे हत्याकांड का एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने किया खुलासा
जबलपुर। बीते दो दिन के अंदर ग्वारीघाट व कुंडम थाना क्षेत्र में हुए अंधे कत्ल का पुलिस ने खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। ग्वारीघाट में भटौली कुंड के समीप शनिवार को प्रीतम रैकवार की रक्तरंजिश लाश मिलने के 24 घंटे के अंदर पुलिस ने धर्मेद्र बर्मन को हत्या के आरोप में पकड़ लिया। धर्मेद्र को शक था कि मृतक प्रीतम गुनियाई करता है और उसके कारण ही पत्नी छोड़कर चली गई। इसी तरह 19 अगस्त को कुंडम में 65 वर्षीय किशोरी लाल की लाश मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी रमेश कुंजाम झाड़-फूंक करने वाले तांत्रिक पर शक करने लगा था कि उसके कारण ही पत्नी के बाल झड़ने लगे हैं।
चेतावनी दी थी कि दो-चार दिन का मेहमान है
एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने बताया कि शनिवार की सुबह लाश मिलने के बाद पुलिस टीम को पड़ताल में पता चला कि प्रीतम के पड़ोसी धर्मेद बर्मन ने मृतक के साले व साढू भाई से कह दिया था कि अभी मिल लो, ये दो-चार दिन का मेहमान है। सिर्फ इतने क्लू में ही पुलिस आरोपी धर्मेद्र तक पहुंच गई जो वारदात के बाद पाटन स्थित अपनी बहन के घर भाग गया था। ग्वारीघाट टीआई भूमेश्वरी चौहान की टीम ने उसे गिरफ्तार किया तो धर्मेद्र ने बका से हत्या करना स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि प्रीतम गुनियाई करता था और उसके कारण भाई बीमार हो गया तथा पिता को लकवा लग गया। प्रीतम कुत्ता घुमाने के लिए सुबह निकला था तभी उसने भटौली कुंड के समीप हमलाकर हत्या कर दी। हत्या का खुलासा करने में एसआई देवी सिंह तोमर, उमंग अग्रवाल, आरक्षक तरुण, मुकेश मसराम,राजेश व जय की सराहनीय भूमिका रही।
महुआ के पेड़ के नीचे मिली थी कथित तांत्रिक की लाश
कुंडम थाना क्षेत्र के ग्राम सहदरा में मिडिल स्कूल के पास महुआ के पेड़ के पास 65 वर्षीय किशोरी लाल की लाश मिलने के बाद पुलिस को आरोपी तक पहुंचने की चुनौती थी। मंडला निवासी मृतक की शिनाख्त होने के बाद आरोपी का सुराग नहीं मिल रहा था। किसी ने रमेश कुंजाम को जंगल की तरफ भागते देखा था। पुलिस ने कड़ी पूछताछ की तो 40 वर्षीय रमेश ने बताया कि वह अपनी पत्नी की झाड़-फूक कराने किशोरी लाल के पास गया था तब से उसकी पत्नी के बाल झड़ने लगे। उसने तांत्रिक से कहा कि तुमने उसे ठीक नहीं किया तो अंजाम बुरा होगा। अगले दिन सहदरा में किशोरी लाल किसी की झाड़-फूंक करने जा रहा था तभी उसने डंडा मारकर हत्या कर दी। टीआई कुंडम प्रताप सिंह मरकाम सहित एसआई राजेश सैनी, एएसआई जसवंत सिंह, रूप सिंह, आरक्षक प्रदीप गुप्ता व सैनिक भगवानदास की भूमिका हत्याकांड के खुलासे में महत्वपूर्ण रही। एसपी ने टीम को पुरस्कृत करने की बात कही है।
