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आटा-दाल पर महंगाई का तड़का न लगाओ सरकार, जीएसटी से पड़ेगा जनता पर भार

चेम्बर ऑफ कामर्स के साथ कारोबारियों का विरोध प्रदर्शन 

जबलपुर। 18 जुलाई से नॉन ब्रांडेड दाल-दलहन और अन्य जीवन उपयोगी खाद्यान्न मोटा अनाज सहित अन्य पदार्थों पर लागू होने वाली 5 प्रतिशत जीएसटी की दर का व्यापारियों ने तीखा विरोध किया है। व्यापारियों का कहना है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए क्योंकि इस अविवेकपूर्ण निर्णय से आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा और छोटे व्यापारियों पर भी संकट आएगा। फेडरेशन ऑफ मध्य प्रदेश चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष हिमांशु खरे ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2017 में जीएसटी लागू करते समय कहा था कि सभी प्रकार की दालों और मोटा अनाज सहित अन्य खाद्य पदार्थों को जीएसटी के दायरे से मुक्त रखा जाएगा। दुर्भाग्य है कि अब सरकार द्वारा निर्णय बदलते हुए आम जनता की अति आवश्यक वस्तुओं पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगा देने से समस्त प्रकार की दालें आम जनता को महंगी मिलेंगी और देश में महंगाई बढ़ेगी।

 सूक्ष्म-लघु उद्योगों पर कुठाराघात

हिमांशु खरे ने बताया कि अभी हाल में जीएसटी काउंसिल एवं देश के विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बैठक में निर्णय लेकर नॉन ब्रांडेड दलहन जिसमें तुवर, मूंग, उड़द, मसूर, चना इत्यादि और अन्य जीवन उपयोगी खाद्यान्न मोटा अनाज सहित अन्य खाद्य पदार्थों पर दिनांक 18 जुलाई 2022 से 5 प्रतिशत जीएसटी लगाना प्रस्तावित किया गया है जो कि देश के सूक्ष्म, लघु उद्योगों पर कुठाराघात है। सरकार के इस अनुचित फरमान से देश के संबंधित उद्योग व्यापार चौपट हो जाएंगे। जबलपुर में दाल-दलहन व्यापारियों ने इसके विरोध में प्रदर्शन करते हुए तत्काल निर्णय वापस लेने की मांग की है।

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