वारदात के पहले की कड़ी जोड़ रही पुलिस, कंपनी के अधिकारी से अनुभा की दोस्ती से खफा था बादल
जबलपुर। गौर पुलिस चौकी क्षेत्र में युवती की गोली मारकर हत्या करने वाले कथित प्रेमी बादल पटैल का लापता होना रहस्य बना है। नर्मदा नदी में उसके कूदने की संभावना पर पुलिस व गोताखोर बादल की तलाश कर रहे हैं। बताया जाता है कि शादीशुदा होने के बाद भी बादल अनिभा के चक्कर में पड़ा था और ब्रेकअप के बाद उसे युवती का दूसरा अफेयर खटक रहा था। अनिभा जिस मनी ट्रांजेक्शन कंपनी में काम करती थी उसके एक अधिकारी से अफेयर की जानकारी मिलने के बाद उससे बात करने के बहाने और अधिकारी को ब्लैकमेल करने के इरादे से ऑफिस से कार में बैठाकर लाया था। दोनों के बीच अनबन ही गोलीकांड की मुख्य वजह रही। पोस्टमार्टम के बाद युवती की लाश परिजनों को सौंपने के बाद ऐसे कई अनसुलङो सवाल हैं जिनका उत्तर पुलिस ढूंढ रही है। जिस स्थान पर कार के भीतर लाश मिली, वहां किसी ने गोली चलने की आवाज नहीं सुनी और बादल को किसी ने नर्मदा नदी में कूदते नही देखा।
ब्रेकअप के बाद अनबन, लेकिन उसके साथ कार में क्यों गई युवती
अड़ीबाजी-धमकी और ब्लैकमेलिंग गैंग के सक्रिय सदस्य बादल पटैल का अनिभा से प्रेम प्रसंग रहा, लेकिन बादल ने किसी दूसरी लड़की से शादी कर ली थी और अनिभा से उसका ब्रेकअप हो गया था। जबरिया प्यार में हुई अनबन के बाद भी युवती बादल के साथ कार में ऑफिस छोड़कर दोपहर में क्यों चली गई, यह पड़ताल की जा रही है। स्विफ्ट कार में युवती को गोली मारने के बाद फरार हुए कथित प्रेमी बादल पटैल को पुलिस की कई टीमें तलाश रही हैं। हत्या के बाद आरोपी के नर्मदा नदी में कूदने की संभावना पर पुलिस ने गोताखोरों के साथ नर्मदा नदी में तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। गौर पुलिस चौकी इंचार्ज टेकचंद शर्मा ने बताया कि वारदात स्थल के पास आरोपी की चप्पल, कार में पर्स, पिस्टल, आज तक 24× 7 न्यूज चैनल की माइक आई, मोबाइल, चॉबी और 2400 रुपए नगद पुलिस को मिले हैं। कार सहित वारदात स्थल में मिले साक्ष्य एवं प्रमाण के आधार पर मामले की जांच कर रही पुलिस को लग रहा है कि आरोपी बादल पटैल संभवत: आत्महत्या करने के इरादे से नर्मदा पुल से कूद गया। पुलिस गोताखोरों की मदद से तलाश कर रही है।
फर्जी पत्रकार गैंग का सक्रिय सदस्य है बादल पटैल
करीब 11 माह पहले अगस्त 2021 में अड़ीबाजी एवं अवैध वसूली करने वाले फर्जी पत्रकारों के खिलाफ एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देशन में हुई कार्रवाई में बादल पटैल को उसके साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। बादल पटैल और उसके साथी पत्रकारिता की आड़ में सुनियोजित वसूली और लूट करने में माहिर थे। फर्जी पत्रकारों की इस गैंग पर ग्वारीघाट थाना में धारा 394, 452, 419, 323, 506 34 एवं सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम 2000 की धारा 66 (सी) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। इसी तरह मदनमहल थाना में बादल पटैल के साथियों पर 452, 354, 354(क) 354(ख) 354(ग) 327,294, 323,506,147,148 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर न्यायालय में पेश किया गया था।
