मेयर और पार्षद पद के प्रत्याशी का विरोध करने पर होगी सख्त कार्रवाई
भोपाल । कांग्रेस ने 15 नगर निगमों में मेयर पद के प्रत्याशी घोषित करने के बाद पार्षद टिकट की दावेदारी कर रहे नेताओं की धड़कन बढ़ा दी है। प्रदेश कांग्रेस ने पार्षद पद के दावेदारों के चयन में गाइड लाइन जारी कर फरमान दिया है कि जो जिस वार्ड का निवासी है, उसे उसी वार्ड से दावेदारी करना होगा और स्थानीय संगठन और प्रभारी की रिपोर्ट के मुताबिक टिकट तय की जाएगी। माना जा रहा है कि भाजपा की तरह ही कांग्रेस में पार्षद पद के प्रत्याशियों की सूची जारी करने में बिलंब होगा और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के दो-तीन पहले ही सूची जारी की जाएगी। हालांकि पीसीसी चीफ कमलनाथ जल्द प्रत्याशियों की घोषणा करना चाह रहे हैं। कांग्रेस में पार्षद टिकट के कई ऐसे दावेदार हैं, जो दूसरे वार्ड के निवासी और मतदाता हैं, लेकिन चुनाव वे दूसरे वार्ड में जाकर लड़ने की तैयारी कर चुके हैं। ऐसे दावेदारों को अब टिकट नहीं मिल सकेगा। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी चंद्र प्रभाष शेखर ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद के अपने चुनाव प्रभारी, जिला और शहर अध्यक्ष को इस संबंध में तय गाइड लाइन भेजी है। जिसमें कहा गया है कि प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने यह निर्देश दिए हैं कि कांग्रेस प्रत्याशी उन्हें ही बनाया जाए जो व्यक्ति जिस वार्ड में रहता है एवं उसी वार्ड का मतदाता है। किसी भी उम्मीदवार का वार्ड परिवर्तन नहीं होगा। इस निर्देश का पालन आवश्यक रूप से करना अनिवार्य किया गया है।
अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ काम करना पड़ेगा महंगा
नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस के नेताओं को अपनी ही पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ काम करना महंगा पड़ सकता है। पहली बार इस मामले में चुनाव की शुरूआत होते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सख्त रूख दिखाया है। उन्होंने सभी को साफ कर दिया है कि कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार का काम नहीं करने या खिलाफ काम करने वाले पार्टी पदाधिकारियों को पार्टी के पदों से मुक्त कर दिया जाएगा। इस संबंध में सबसे पहला पत्र सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अभय तिवारी ने जारी किया है। उन्होंने सभी जिला अध्यक्ष, विधानसभा समन्वयकों के साथ ही सभी पदाधिकारियों को भेजे पत्र में लिखा है कि नगरीय निकाय चुनाव में मेयर प्रत्याशी की जीत के लिए सभी को जनता के बीच में जाना होगा। सोशल मीडिया से संबंधित समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं को भी पूरी ताकत के साथ अपने-अपने क्षेत्र के प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में जुटना होगा। प्रत्याशी की हर गतिविधि को सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने में अपनी भूमिका अदा करें। इसकी मॉनीटरिंग प्रतिदिन पीसीसी में की जाएगी।
