शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई से उमा भारती ने उठाया सवाल
भोपाल। प्रदेश में वाहन चालकों को हेलमेट अनिवार्य करने और तगड़ा जुर्माना लगाने का विरोध शुरू होने के पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने पर सवाल उठाया है। उमा भारती ने कहा है कि देश में ये अजीब विसंगति देखी जा रही है। शराब ठेकों के वैध अहातों में बैठकर समूह में लोग शराब पी रहे हैं और जब वे नशे में बाहर निकलेंगे तो घर कैसे जाएंगे? उमा भारती ने सवाल किया कि क्या सरकार उन्हें अहातों से घर तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगी?
नई शराब नीति पर पूर्व सीएम का फिर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सरकार के समक्ष यह सवाल उठाया है कि जो लोग अहातों में बैठकर बड़े-बड़े झुंड में शराब पी रहे हैं वे जब बाहर निकलेंगे तब वह घर कैसे जाएंगे। खुद वाहन चलाकर या घर का कोई व्यक्ति वाहन लेकर उनको लेने आएगा या सरकार खुद उसके लिए वाहन की व्यवस्था करेगी, क्योंकि यहां हमारी ही नीति में विसंगति एवं विरोधाभास है। शराब के विरोध में मिसरोद में अहाते के सामने मंगलवार को धरना देने के बाद पूर्व सीएम उमा भारती ने यह सवाल ट्वीट के जरिये उठाया है। उन्होने कहा है कि करीब सवा महीने पहले मेरी और सीएम शिवराज सिंह की शराबबंदी को लेकर लंबी वार्ता हुई, फिर दिल्ली में संगठन के वरिष्ठतम नेतृत्व से मेरी इसी विषय पर बातचीत हुई। फिर भोपाल में पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में संगठन के वरिष्ठ प्रभारियों से भी इसी संबंध में लंबा संवाद हुआ। इन तीनों मीटिंग में सबका यही कहना था कि सब शराब के खिलाफ हैं एवं निषिद्ध स्थानों पर शराब की दुकान नहीं होना चाहिए तथा शराब पिलाने के अहाते तो मध्य प्रदेश में कहीं नहीं होना चाहिए। इस संपूर्ण प्रसंग में लगभग डेढ़ महीना निकल चुका है, मुङो विश्वास है कि कुछ सकारात्मक परिणाम आएगा। उन्होंने कहा कि नशा एवं शराब के खिलाफ जागरुकता का अभियान चलेगा, यह बात मुख्यमंत्री शिवराज एवं प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा भी कह चुके हैं। उड़ता पंजाब का जिक्र करते हुए उमा भारती ने कहा है कि हम भूलवश मध्य प्रदेश को उड़ता मध्य प्रदेश न बना दें, इसके लिए सतर्क होना जरूरी है।
