संगठन के साथ दिग्गजों की एक राय नहीं, शाम तक आ सकती है सूची
भोपाल। बीते दो दिन मंथन-चिंतन और नेताओं से रायशुमारी का फामरूला भी भाजपा में 16 नगर निगमों में मेयर पद के प्रत्याशी चयन में अंतिम निर्णय नहीं हो सका। पार्टी सूत्रों के मुताबिक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के साथ संगठन मंत्री और दिग्गजों की मुख्यमंत्री से अलग राय होने के कारण कोई फैसला नहीं किया जा सका। बताया जाता है कि 11 शहरों के लिए सिंगल नाम लगभग तय हो गए थे, लेकिन मप्र के 5 बड़े शहरों में मेयर टिकट को लेकर फंसे पेंच में पहली सूची भी जारी नहीं हो सकी। बताया जाता है कि सीएम शिवराज के दिल्ली प्रवास को लेकर अटकलें लगाई जा रही है कि जिन सीटों पर गुटबाजी और चयनकर्ता नेताओं के बीच मतभेद हैं उनमें दिल्ली का वीटो और आरएसएस की पसंद का प्रत्याशी फायनल हो सकता है। शाम तक सूची जारी होने की संभावना है।
बैठक में पहले से चर्चा में रहे नामों के अलावा नए नाम पर विचार
भाजपा कोर ग्रुप की बैठक के बाद मेयर पद के प्रत्याशियों की सूची रविवार को फायनल हो जाना थी , लेकिन भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और सागर में पार्टी नेताओं की खेमेबाजी के कारण सभी मेयर टिकट पर अलग-अलग समीकरणों के पेंच उलझ गए हैं। सूत्रों ने बताया कि उलझन और गुटीय खींचतान के बीच इस मामले में संघ की एंट्री हो गई है और अब दिल्ली के हस्तक्षेप व संघ के समन्वय के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय होगा। इस बीच विवाद की स्थिति को देखते हुए इसमें संघ की एंट्री हो गई है और संघ भाजपा के समन्वय से टिकट का फैसला होने वाला है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि कोर ग्रुप की बैठक के बाद सीएम, प्रदेश अध्यक्ष के साथ ही ग्रुप के कुछ सदस्यों की बैठक फिर हुई जिसमें पहले से विचाराधीन नामों के अलावा अन्य दावेदारों के नाम पर भी विचार किया गया, लेकिन अंतिम निर्णय फिर भी अटक गया। पहले दौर की चर्चा में भोपाल से मालती राय, इंदौर से पुष्यमित्र, डॉ निशांत खरे, जबलपुर से डॉ जितेंद्र जामदार, ग्वालियर से सुमन शर्मा, सागर से प्रतिभा तिवारी और प्रतिभा चौबे का नाम सबसे आगे रहा। रीवा से व्यंकटेश पांडेय का नाम आगे था, लेकिन अब प्रज्ञा त्रिपाठी के सिंगल नाम पर निर्णय बाकी है।
