जबलपुर। रेलवे वाणिज्य विभाग में विवादों के लिए चर्चित मुख्य कार्यालय अधीक्षक वीके चौरसिया की कॉल रिकार्ड करने और ऑडियो वायरल करने की अदा से अधिकारियों सहित डीआरयूसीसी (मंडल रेल उपयोगकर्ता परामर्श समिति) के मेंबर खफा हैं। दरअसल, ओएस द्वारा इस बार समिति के सदस्य से हुई व्हाट्सएप ग्रुप पर की गई बातचीत को सार्वजनिका करने का मामला तूल पकड़ गया और विधि जगत से आए एक आवेदन पर वीआईपी कोटे की बर्थ अलॉट न कर विवाद खड़ा कर दिया गया। इतना ही नहीं लापरवाही और सदस्यों की अनदेखी पर भड़के सदस्य ने इस हरकत पर चौरसिया की ठसाई की तो उसने यह ऑडियो भी वायरल कर दिया। जबकि रेल यात्रियों और अफसरान के बीच सेतु का काम करने वाली डीआरयूसीसी के मेंबर सामान्य तौर पर अधिकारियों व सदस्यों के व्हाट्एप ग्रुप पर संदेश भेजते रहते हैं।
वीआईपी कोटे से बर्थ देने का आवेदन बना विवाद
बताया जाता है कि डीआरयूसीसी मेंबर द्वारा डीआरएम कार्यालय जबलपुर के वाणिज्य विभाग को एक पत्र भेजा था जिसमें 5 जून को शहडोल से जबलपुर आने के लिए ट्रेन नंबर-22910 पुरी-वलसाड़ एक्सप्रेस में एसी-थ्री कोच में 1 बर्थ वीआईपी कोटे से कंफर्म कराने का आग्रह किया गया था। सदस्य ने उक्त पत्र को बिलासपुर जोन या डीआरएम ऑफिस भेजने के लिए मुख्य कार्यालय अधीक्षक वीके चौरसिया को मित्रवत् उनके व्यक्तिगत मोबाइल फोन पर भी वाट्सएप कर दिया, लेकिन ओएस चौरसिया ने उक्त मैसेज पर किसी तरह का सहयोग करने की बजाय उसे रेल उपयोगकर्ता परामर्श समिति वाले ग्रुप में फारवर्ड कर दिया। इतना ही नहीं मैसेज के साथ अपनी टीप में यह भी लिख डाला कि आप व्यक्तिगत इस तरह का मैसेज न किया करें। फिर बाद में हुए वार्तालाप का ऑडियो वायरल कर दिया जो ऑफिशियल ग्रुप से बाहर अन्य ग्रुपों में चलने लगा।
पत्नी का नंबर दिया फिर की पत्नी को परेशान करने की शिकायत कर दी
बताया जाता है कि वीके चौरसिया ने पूर्व में उमरिया स्टेशन मास्टर के पद से मानसिक बीमारी का बहाना बनाकर मुख्यालय में ज्वाइनिंग ले ली थी। स्टेशन मास्टर रहते हुए रेल यातायात निरीक्षक(टीआई) को अपना मोबाइल नंबर न देकर अपनी पत्नी का मोबाइल नंबर दिया था। कार्यालयीन व्यवस्था के चलते अक्सर टीआई को मजबूरन पत्नी के मोबाइल पर कॉल करना पड़ता था। बताया जाता है कि एक बार तो चौरसिया ने पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवा दी थी कि टीआई द्वारा मेरी पत्नी के मोबाइल फोन पर कॉल कर उसे परेशान किया जा रहा है। किसी से भी की गई बातचीत को रिकार्ड करके उसे वायरल करना चौरसिया की पुरानी आदत है। ताजा मामले से भड़के डीआरयूसीसी मेंबर्स ने डीआरएम को इसकी शिकायत की है।
