चुनावी माहौल में सरकार को घेरने कांग्रेस को दिया मुद्दा
जबलपुर। शहर में बिजली कटौती, ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त बिजली न मिलने जैसे मुद्दे पर सरकार को घेर रही कांग्रेस को चुनावी माहौल में एक और मुद्दा मिल गया है। नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों को शुल्क बढ़ाने की छूट दे दी और कंपनियों ने उपभोक्ताओं के लिए नए कनेक्शन, मीटर टेस्टिंग और लोड बढ़ाने जैसे काम के लिए लगने वाले शुल्क में बेतहाशा बढ़ोत्तरी कर दी है। जानकारी के मुताबिक इसके लिए नए चार्ज को मंजूरी देकर लागू कर दिया है। उपभोक्ताओं पर इससे 70 फीसदी से अधिक भार पड़ेगा।
नियामक आयोग ने कंपनियों को दी है छूट
नियामक आयोग के समक्ष बिजली कंपनियों ने ये दरें बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा था जिसे मंजूरी दे दी गई। उपभोक्ताओं को अब महंगी बिजली और झटका देगी। जानकार सूत्रों ने बताया कि बिजली के नए कनेक्शन, मीटर टेस्टिंग, नाम परिवर्तन व लोड बढ़ाने जैसी सुविधाओं का चार्ज 70 प्रतिशत तक बढ़ाते हुए नई दरें लागू कर दी गई हैं। जानकारों के मुताबिक बिजली कंपनी ने थोक प्राइस इंडेक्स व कंज्यूमर इंडेक्स का हवाला देते हुए बढ़ोतरी की है जो कि तय पैरामीटर के खिलाफ है। प्रदेश में वैसे ही सीमावर्ती राज्यों से महंगी बिजली दी जा रही है। अब शुल्क बढ़ाकर नियामक आयोग ने कंपनियों की मनमानी को और छूट दे दी है। इधर, बिजली उपभोक्ताओं के लिए आंदोलन करने वाले प्रदेश कांग्रेस के सचिव सौरभ नाटी शर्मा ने कहा है कि बिजली उपभोक्ताओं को सुविधाओं के लिए करीब दो गुना शुल्क देना पड़ेगा, यह महंगाई के दौर में अतिरिक्त भार बिजली कंपनियों द्वारा डाला जा रहा है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने की बजाय लूट रही है और यह मुद्दा शहर से लेकर देहात तक चल रहे चुनावी माहौल में जनता का मुद्दा बनेगा।
