पति से अनबन, मायके में भाई के उलाहनों से तंग आकर देने गई थी जान
जबलपुर। पति से अनबन के बाद मायके में पिता के साथ रहते हुए भाई के उलाहनों से तंग आकर दो मासूम बच्चों के साथ धुंआधार में कूदकर सुसाइड करने गई युवती को पुलिस आरक्षक हरिओम ने बचा लिया।युवती रात करीब 12 बजे अपने 2 बच्चों के साथ भेड़ाघाट-धुआंधार पहुंची थी। उसे धुआंधार की ओर जाते देखकर मौके पर मौजूद एक युवक ने भेड़ाघाट थाना में पदस्थ आरक्षक हरिओम को सूचना दी। हरिओम अपने साथी आरक्षक के साथ तत्काल मौके पर पहुंचा। युवती धुआंधार की रैलिंग के पास पहुंची ही थी, तभी आरक्षक ने उसे बातों में उलझाते हुए पकड़ लिया और फिर समझाइश देकर थाना ले आया। पूछताछ के बाद पुलिस ने युवती के पिता को थाना बुलाकर बेटी और दोनों बच्चों को उनके सुपुर्द कर दिया है।
भिलाई से प्रताड़ित होकर केंट स्थित मायके आई थी
पुलिस ने बताया कि मोतीबाग थाना केंट निवासी मनीषा सिंह का विवाह भिलाई में हुआ है। पति से अनबन के कारण वह करीब 2 माह से मायके में भाई और पिता के साथ रहती है। मनीषा का 7 साल का बेटा लक्ष्य और 3 साल बेटी लक्षिता है। मनीषा ने पुलिस को बताया कि ससुराल से आने के बाद वह मायके में अपने दोनों बच्चों के साथ रह रही है। मायके में भाई देवेंद्र कोचर बार-बार टार्चर कर कहता है कि तुम ससुराल में जाकर रहो। मनीषा ने बताया कि ससुराल में पति से अनबन चल रही है, मायके में भाई रहने नहीं देता इससे अच्छा बच्चों के साथ आत्महत्या करने यहां पहुंची। पुलिस ने रात में मनीषा के भाई देवेंद्र कोचर को भी समझाइश दी है।
ऑटो से पहुंची भेड़ाघाट, मासूम बच्चा बोला हम मरने आए थे
पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मनीषा अपने बेटा-बेटी को केंट से ऑटो में लेकर रात करीब 11: 30 भेड़ाघाट पहुंची थी। मासूम बच्चों के साथ अलेली महिला को देखकर वहां मौजूद युवक को मामला समझते देर नहीं लगी और उसने पुलिस को सूचना दे दी। धुआंधार की रैलिंग के पास खड़े मासूम ने आरक्षक हरिओम से कहा कि अंकल हम लोग यहां मरने के लिए आए हैं। हरिओम ने बच्चे को गले लगाते हुए समझाया कि नहीं आपको गलत बताया गया है। आपकी मम्मी आपको यहां घूमाने लेकर आईं हैं, अभी आपको चिप्स और आइस्क्रीम भी खिलाई जाएगी। आरक्षक की बातें सुनकर मासूम लक्ष्य के चेहरे पर वापस मुस्कान लौट आई।
