मोहल्ले का चाचा ले गया था बहला-फुसला कर
जबलपुर। पाटन एडीजे विवेक कुमार की कोर्ट ने किशोरी को बहला फुसलाकर दुराचार के आरोपी पूरन गोंड को 10 साल सश्रम कारावास व 5 हजार रु पए जुर्माना से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक पीड़िता के पिता ने 28 मार्च 19 को पाटन थाने में शिकायत दर्ज करायी कि वह मजदूरी करता है, उसकी दो बेटियां, एक बेटा है। उन्हें घर पर छोड़कर खेत में सिंचाई करने सुबह चला गया था। इसके थोड़ी देर बाद पत्नी भी खाना लेकर खेत पर आ गई थी। करीब 1.30 बजे भतीजे ने फोन पर बताया कि पीड़िता करीब 11 बजे बैंक की पास बुक, एटीएम लेकर बैंक जाना कहकर निकली थी, जो वापस नहीं आई है। इसकी खोजबीन की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। पुलिस को जांच दौरान पता चला कि पीड़िता को घर के सामने रहने वाला चाचा पूरन गोंड कटंगी ले गया, कटंगी से दमोह एवं बांदकपुर में शंकरजी के मंदिर घुमाया। पूरन ने खाने में कुछ मिला दिया, जिससे कुछ याद नहीं आया, फिर मुंबई पहुंच गई, जहां सोनाले कंपनी में रु की। आरोपी पूरन एक कमरे में ले गया, 15 दिन तक रखा और पूरन ने जबरदस्ती बिना सहमति के शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के बयानों पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुराचार व पॉस्को एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर कोर्ट के सामने चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान पेश किए गए गवाह व साक्ष्य को मद्देनजर रखते हुए कोर्ट ने आरोपी को उक्त सजा से दंडित किया। विशेष लोक अभियोजक संदीप जैन व अनिल कुमार पटेल ने पक्ष रखा ।
