राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण ग्रीन एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट की बैठक आयोजित
वैश्विक पर्यावरण सुधार की दिशा में होगा काम
कलेक्टर की अध्यक्षता मे हुई टीएसजी की बैठक
श्योपुर-मुरैना चंबल नेशनल सेंचुरी क्षेत्र अंतर्गत ग्रीन एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट की बैठक जिला स्तरीय टेक्नीकल सपोर्ट गु्रप के अध्यक्ष एवं कलेक्टर श्री शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में डीएफओं कूनो श्री पीके वर्मा, सामान्य श्री सीएस चौहान, एसीईओ जिला पंचायत श्री अजय उपाध्याय, डीडीए श्री पी गुजरे सहित पशु चिकित्सा विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र बडौदा, जनजातीय कार्य विभाग, उद्यानिकी, मत्स्य, वाटरशैड, एनआरएलएम आदि विभागों के उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने बैठक में निर्देश दिये कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच की अध्यक्षता में समितियों के गठन का कार्य पूर्ण किया जाये तथा प्रोजेक्ट के अंर्तगत शामिल विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में नामाकित करने की कार्यवाही की जायें।
उपसंचालक कृषि श्री पी गुजरे ने प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, भूमिक्षरण, ओजोन परत कार्बनिक प्रदुषण प्रबंधन, टिकाऊ वन प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण स्थिरता विकास को बढावा देना है। जिससे वैश्विक पर्यावरण की सुरक्षा में सहायता मिल सकें। प्रोजेक्ट के तहत कृषि, पशुपालन, फॉरेस्ट, माईनिंग एवं पब्लिक वर्कस लाईन डिपाटमेंट के तहत कार्य किये जायेंगे। उन्होने कहा कि प्रोजेक्ट के तहत संवहनीय कृषि, पशुपालन प्रबंधन, कम्युनिटी बेस्ड इकोटूरिज्म, मेडिशनल एवं एरोमेटिकल प्लांटेशन आदि के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। पर्यावरणनीय अनुकूल वातावरण तैयार करने हेतु सभी पैरामीटर्स पर कार्य किया जायेगा।
उपसंचालक कृषि श्री पी गुजरे द्वारा अवगत कराया गया कि प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में श्योपुर जिले की विजयपुर तहसील के 16 ग्राम चिन्हित किये गये है। जिनमें बंसतपुरा, तेलीपुरा, खैरोदाकलां, पिपरानी, रायपुरा, मोरेका, जहानगढ, अन्धूपुरा, झारबडौदा, श्यामपुर, घूघस, जैतपुरा, पांचो, साकरा, ललैयापुरा एवं सिल्लीपुर शामिल है।
वैश्विक पर्यावरण सुधार की दिशा में होगा काम
कलेक्टर की अध्यक्षता मे हुई टीएसजी की बैठक
कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने बैठक में निर्देश दिये कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच की अध्यक्षता में समितियों के गठन का कार्य पूर्ण किया जाये तथा प्रोजेक्ट के अंर्तगत शामिल विभागों के अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में नामाकित करने की कार्यवाही की जायें।
उपसंचालक कृषि श्री पी गुजरे ने प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, भूमिक्षरण, ओजोन परत कार्बनिक प्रदुषण प्रबंधन, टिकाऊ वन प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण स्थिरता विकास को बढावा देना है। जिससे वैश्विक पर्यावरण की सुरक्षा में सहायता मिल सकें। प्रोजेक्ट के तहत कृषि, पशुपालन, फॉरेस्ट, माईनिंग एवं पब्लिक वर्कस लाईन डिपाटमेंट के तहत कार्य किये जायेंगे। उन्होने कहा कि प्रोजेक्ट के तहत संवहनीय कृषि, पशुपालन प्रबंधन, कम्युनिटी बेस्ड इकोटूरिज्म, मेडिशनल एवं एरोमेटिकल प्लांटेशन आदि के क्षेत्र में कार्य किया जायेगा। पर्यावरणनीय अनुकूल वातावरण तैयार करने हेतु सभी पैरामीटर्स पर कार्य किया जायेगा।
उपसंचालक कृषि श्री पी गुजरे द्वारा अवगत कराया गया कि प्रोजेक्ट के तहत प्रथम चरण में श्योपुर जिले की विजयपुर तहसील के 16 ग्राम चिन्हित किये गये है। जिनमें बंसतपुरा, तेलीपुरा, खैरोदाकलां, पिपरानी, रायपुरा, मोरेका, जहानगढ, अन्धूपुरा, झारबडौदा, श्यामपुर, घूघस, जैतपुरा, पांचो, साकरा, ललैयापुरा एवं सिल्लीपुर शामिल है।
