जबलपुर में मिले कोरोना के 2 नए पॉजिटिव
जबलपुर। कोरोना संक्रमण काबू में होने के बीच कई देशों में फैल चुके मंकी पॉक्स वायरस ने दहशत बढ़ा दी है। मध्यप्रदेश में मंकी पॉक्स के एक भी केस नहीं मिले हैं, लेकिन बतौर सावधानी राज्य सरकार ने एडवायजरी जारी की है। हेल्थ कमिश्नर डॉ सुदाम खाड़े ने कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी, सिविल सजर्न पत्र भेजकर एडवायजरी जारी कर मंकी पॉक्स के लक्षण, सस्पेक्टेड मरीजों की सेम्पलिंग, टेस्ट व इलाज के संबंध में गाइड लाइन तय की है। इसका वायरस पशुओं से मनुष्य में और कोरोना की तरह एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलता है। वहीं जबलपुर में रविवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना के 2 नए पॉजिटिव केस मिले है, जिससे यहां एक्टिव केसों की संख्या 8 हो गई है।
ट्रेन यात्रियों के लिए उपलब्ध लिनेन(बेडरोल) में भी सावधानी जरूरी
एक्सपर्ट्स के मुताबिक मंकी पॉक्स का वायरस कटी-फटी त्वचा,आंख, नाक या मुंह से शरीर में प्रवेश करता है। यह एक वायरल जूनोटिक रोग है जो मध्य व पश्चिम अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय वर्षा वन क्षेत्रों में पाया जाता है। संक्रमित पशु, वन्यप्राणी से मानव शरीर में इसका वायरस प्रवेश करता है। वहीं एक्सपर्ट्स का कहना है कि दूषित बिस्तर से भी इसके फैलने का खतरा रहता है। कोरोनाकाल समाप्ति के बाद भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेन में यात्रियों के लिए दिए जाने वाले लिनेन (बेडरोल)को भी संक्रमण मुक्त रखने अभी से सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई गई है।
मंकी पॉक्स वायरस संक्रमण के ये हैं लक्षण
मंकी पॉक्स से संक्रमित मरीज को सामान्यत: बुखार, रैशेज और लिम्फ नोड्स में सूजन पाई जाती है। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में इन्फेक्शन मुख्य रूप से होता है। शरीर में पानी छोड़ने वाले दाने मिलने से चिकित्सक से तत्काल जांच जरूरी है। वायरस शरीर के तरल पदार्थ, घाव के सीधे संपर्क के जरिए और घाव के साथ अप्रत्यक्ष संपर्क माध्यम से जैसे संक्रमित व्यक्ति के दूषित कपड़ों या लिनेन के माध्यम से भी फैल सकता है।
