सतना। प्री-मानसून की हलचल के बीच महाकोशल-विंध्य में मौसम के बिगड़े मिजाज के साथ आंधी-तूफान का कहर बरपा। मंडला में तेज बारिश हुई और महाकोशल के कई जिलों में बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया। सतना जिले में दोपहर से ही मौसम खराब हो गया और मैहर के त्रिकूट पर्वत पर बिराजीं मां शारदा के दर्शन करने पहुंचे करीब 80 श्रद्धालुओं की सांसें रोप-वे की ट्रालियां फसने से अटक गईं थी। गनीमत रही कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक अफरा-तफरी मची रही। वहीं सतना में आंधी-तूफान के कारण तीन लोगों की मौत हो गई।
बिजली व्यवस्था लड़खड़ाई तो रुक गई रोप-वे की ट्रालियां
खबर के मुताबिक मैहर शारदा देवी मंदिर के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं को लेकर रोप-वे की ट्रालियां जा रही थी, तभी दोहपर में अचानका मौसम बिगड़ गया। तेज आंधी चलने से कई जगह बिजली के तारों पर पेड़ गिर गए जिससे बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई। मैहर में रोप-वे रुकने से 28 ट्रॉलियों में करीब 80 श्रद्धालुओं फंस गए थे। यहां कुल 32 ट्रॉलियां हैं, जिनमें से 2-2 ट्रॉली हमेशा स्टेशन पर रहती हैं, जबकि बाकी ट्रॉलियां चलती रहती हैं। जिन श्रद्धालुओं की ट्राली हवा में झूल रही थी उनकी सांसें अटक गईं, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद उन्हें सकुशल उतार लिया गया। वही सतना सिटी कोतवाली क्षेत्र में एक मकान का छज्ज गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई और ताला थाना क्षेत्र में पेड़ गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई। महाकोशल-विंध्य के कई हिस्सों में आंधी-तूफान ने कहर बरपाया। सोमवार को सबसे अधिक तापमान सिवनी में 43.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा प्रदेश भर में पारा 43 से नीचे ही रहा। भोपाल में 40.8, इंदौर में 37.7, जबलपुर में 38.5 और ग्वालियर में अधिकतम पारा 41.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।