पैतृक सम्पत्ति बेचकर किसान ने पीएससी की तैयारी के लिए भेजा था इंदौर
जबलपुर। खितौला के एक किसान ने पैतृक सम्पत्ति बेचकर पीएससी की तैयारी के लिए बेटी पलक को भतीजे के पास इंदौर भेजा था। भाई-भाभी ने 8 लाख रुपए अपनी अय्याशी में खर्च कर दिए और पलक को न कोचिंग कराई और न ही सपोर्ट किया, उल्टा परेशान करते थे। घर लौटी पलक ने पिता का सपना पूरा न होने पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 6 पेज के सुसाइड नोट में पलक ने रेलवे में कार्यरत चचेरे भाई और भाभी से परेशान होने की दास्तान लिखी है।
पढ़ाई में तेज बेटी को अफसर बनाने का था सपना
खितौला पुलिस ने बताया कि वार्ड क्र मांक 17 सफरी मोहल्ला निवासी किसान प्रेमचंद गुप्ता ने ग्रेज्युएट होने के बाद पलक को अफसर बनाने का सपना देखा था। इसके लिए पैतृक सम्पत्ति बेच कर प्रेमचंद ने 8 लाख रुपए जुटाए थे। उन्होने 22 वर्षीय पलक को एमपीपीएससी की कोचिंग कराने की इच्छा जताई तो उनके रेलवे में काम करने वाले भतीजे ने किसानी करते हैं। उनकी तीन बेटियां और एक बेटे में पलक (22) मझली संतान थी। प्रेमचंद की बड़ी बेटी का विवाह हो चुका है। बीए की पढ़ाई करने के बाद पलक ने माता-पिता से अफसर बनने की इच्छा जाहिर की थी। पिता ने पैतृक संपित्त बेचकर आठ लाख रु पए जुटाए थे। रेलवे में कार्यरत उनके भतीजे राजेश गुप्ता व उसकी पत्नी स्तुति ने प्रेमचंद को भरोसा दिया कि वे इंदौर में पलक को एमपीएससी की कोचिंग कराएंगे। बेटी का भविष्य संवारने प्रेमचंद ने भतीजा व बहू को आठ लाख रु पये देते हुए उनके साथ पलक को इंदौर भेज दिया।
चाचा के रुपयों पर भतीजा व बहू ने किए ऐश
राजेश व स्तुति गुप्ता ने प्रेमचंद से मिले 8 लाख रु पए अपनी सुविधाओं पर खर्च कर दिए और पलक को किसी भी कोचिंग इंस्टीट्यूट में न भर्ती कराया और न ही उसे परीक्षा की तैयारी में सपोर्ट किया। वहीं पलक को आर्थिक व मानसिक रूप से परेशान किया जाने लगा। भाई-भाभी की हरकतों से परेशान पलक इंदौर से खितौला अपने पिता के पास वापस आ गई। 15 अप्रैल की रात उसने 6 पेज का सुसाइड नोट लिखकर भाई-भाभी के व्यवहार की हकीकत लिखी और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में पलक ने राजेश व स्तुति को जिम्मेदार ठहराया है। बताया जाता है कि उस दिन घर में छोटा भाई पीयूष कमरे के बाहर घूम रहा था तभी उसकी नजर पलक के कमरे में लगे विंडो कूलर पर पड़ी जो बंद था। पीयूष ने कूलर बंद होने का पता लगाने खिड़की से झांका तो पलक फांसी के फंदे पर तड़प रही थी। आवाज देने पर परिवार के सदस्यों ने दरवाजा तोड़कर पलक को फंदे से उतारा और अस्पताल ले गए तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर चचेरे भाई राजेश गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया जबकि उसकी पत्नी स्तुति फरार हो गई।
