नई बिल्ंिडग में शिफ्ट होगी मेडिकल यूनिवर्सिटी, न्यूरो विभाग में 100 बिस्तरों का होगा इजाफा
जबलपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रविवार सुबह अचानक पहुंचे चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। निर्माण कार्यो व मेंटेनेंस में लापरवाही देखकर उन्होने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को सस्पेंड करने का आदेश दिया। मंत्री के तेवर देख चिकित्सकों व अधिकारियों में खलबली मच गई। वहीं औचक निरीक्षण के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए विश्वास सारंग ने बताया कि न्यूरोलॉजी विभाग में मरीजों की संख्या को देखते हुए जनप्रतिनिधियों व चिकित्सकों से मिले सुझाव पर न्यूरो वार्ड में100 बिस्तरों का इजाफा किया जाएगा। जिसमें 20 आईसीयू व 80 सामान्य होंगे। उन्होने कहा कि कोरोना के केस बढ़ने से सरकार अलर्ट है और चिंता की कोई बात नहीं है, लोगों को मास्क के साथ ही गाइड लाइन का पालन करना चाहिए। सारंग ने कहा कि मेडिकल यूनिवर्सिटी की नई बिल्ंिडग तैयार हो गई है और जल्द ही इसमें यूनिवर्सिटी शिफ्ट कर दी जाएगी।
कागज की पर्ची पर लिखा था जूते बाहर उतारें
अचानक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचे चिकित्सा शिक्षा मंत्री लिफ्ट से फोर्थ फ्लोर पहुंचे और आईसीयू वार्डो का निरीक्षण किया। इसके बाद जनरल वार्ड में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के दौरान उन्होंने जूते चप्पल बाहर रखने वाले सूचना बोर्ड की बजाय कागज की पर्ची पर लिखा देख जमकर फटकार लगाई। उन्होंने निर्माण कार्य में गड़बड़ी देखने पर पीडब्ल्यूडी इंजीनियर को सस्पेंड करने निर्देश दिए। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में गंभीर मरीजों को दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में कॉलेज के डीन डॉ प्रदीप कुमार कसार से जानकारी लेते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों को हिदायत दी कि मरीजों को पर्याप्त इलाज मिलना चाहिए। निरीक्षण के दौरान उनके साथ अस्पताल अधीक्षक डॉ अरविंद शर्मा सहित विधायक अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष विनोद गोंटिया, भाजपा नेता कमलेश अग्रवाल, अमर मिश्र भी उपस्थित रहे।
रविवार के दिन पहुंचा अमला, जुटा साफ-सफाई में
बताते हैं कि जबलपुर प्रवास पर आए मंत्री विश्वास सारंग तिलहरी में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, लेकिन अचानक सुबह करीब 8 बजे मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को सूचना दी गई कि वे मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण और भ्रमण करने के लिए पहुंच रहे हैं। रविवार अवकाश के बावजूद अधिकारियों ने अपने स्टाफ और चिकित्सकों को आनन फानन बुलवाया। करीब डेढ़ घंटे चले इस निरीक्षण में मंत्री ने यह साफ संकेत दिए कि लोगों को सरकारी योजनाओं का यदि लाभ नहीं मिलता है तो इसमें दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
