कार फायनेंस कराकर 16 लाख की धोखाधड़ी, ईओडब्ल्यू में एफआईआर
जबलपुर। पाटन एसडीओपी के साथ रेत में पार्टनरशिप और फिर लेन-देन के विवाद में एसडीओपी का नोट गिनते वीडियो वायरल करने वाला अमित अग्रवाल पत्नी जयश्री अग्रवाल के साथ बैंक धोखाधड़ी में फस गया। कार के लिए 16 लाख रुपए बैंक ऑफ बड़ौदा से फायनेंस कराने के बाद भोपाल से फर्जी एनओसी के जरिए कार बेचने के मामले में ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज की है।
एक के बाद एक फ्रॉड करने में माहिर है अमित
ईओडब्ल्यू एसपी देवेंद्र प्रताप सिंह राजपूत के मुताबिक धनवंतरी नगर निवासी जयश्री अग्रवाल ने अमित अग्रवाल के साथ मिलकर 24 मार्च 2017 को बैंक ऑफ बडौदा से 16 लाख रु पए फायनेंस कराकर कार खरीदी थी। कार जयश्री अग्रवाल ने बिना फायनेंसर बैंक को सूचना दिए शरद जायसवाल को बेच दी। जयश्री व अमित अग्रवाल द्वारा किश्त न चुकाने से खाता एनपीए हो गया। आरोपियों ने नरिसंहपुर आरटीओ कार्यालय में एचडीएफसी बैंक गुलमोहर भोपाल की एक एनओसी जमा कर वाहन का रजिस्ट्रेशन भी शरद जायसवाल के नाम पर ट्रांसफर करा दिया। ईओडब्ल्यू की जांच में पता चला कि जयश्री अग्रवाल और अमित अग्रवाल ने बैंक से कार लोन लेने के लिए शिवानी अग्रवाल को गारंटर बनाया था। इस कारण उसे भी आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ धोखाधडी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, साजिश रचने सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसआई विशाखा तिवारी कर रही हैं। इससे पहले मदन महल थाने में अमित अग्रवाल पर एक हाइवा हड़पने की एफआईआर दर्ज हो चुकी है। दीक्षितपुरा निवासी शालक राम श्रीपाल ने धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने का प्रकरण दर्ज कराया था। शालक राम ने हाइवा अमित को चलवाने के लिए दिया था। वह पूरी किस्त भरता रहा, लेकिन अमित ने फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कराकर आरटीओ से हाईवा अपने नाम करा लिया था।
