रीवा के सर्किट हाउस में नाबालिग से रेप की जांच में ब्रेक
रीवा। सर्किट हाउस के वीआईपी कमरे में नाबालिग से रेप के चर्चित मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के इस बयान कि कमरा अलॉट किसने कराया,उसे छोड़ेंगे नहीं के बाद पुलिस की जांच में अघोषित ब्रेक लगने की खबर है। दरअसल, जांच में पता चला कि हिस्ट्रीशीटर विनोद पांडे को कमरा आवंटित करने में एक मंत्री की भूमिका रही। उनके मौखिक आदेश पर एसडीएम(सत्कार अधिकारी) अनुराग तिवारी ने कमरा अलॉट किया, इसी कमरे में सीताराम दास उर्फ समर्थ त्रिपाठी ने शराब पार्टी कर नाबालिग लड़की से रेप किया था। इसी कमरे के आवंटन में अब एसडीएम पर ही ठीकरा फोड़ने की तैयारी है।
हिस्ट्रीशीटर का सर्किट हाउस में था कब्जा
सर्किट हाउस में वीआईपी कमरा अलॉट करने वाले एसडीएम का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर विनोद पाण्डेय और उसके गुर्गो ने सर्किट हाउस पर कब्जा कर रखा था। जबकि रजिस्टर में दर्ज रिकार्ड के अनुसार 4 नंबर कमरा एसडीएम अनुराग तिवारी ने विनोद पाण्डेय को अलॉट किया है। इसमें एक मंत्री के मौखिक आदेश की बात सामने आने के बाद अधिकारियों ने फिलहाल चुप्पी साध ली है। कलेक्टर मनोज पुष्प का कहना है कि सर्किट हाउस में कमरा आवंटन किसके कहने पर हुआ था यह बात जांच के बाद स्पष्ट हो जाएगी। वही एसपी नवनीत भसीन ने जिला प्रशासन के सत्कार अधिकारी को पत्र भेजकर जानकारी मांगी है कि किसके कहने पर कमरा आवंटित किया गया। दरअसल,जिस कमरे में सतना की नाबालिग लड़की के साथ महंत सीताराम दास उर्फ समर्थ त्रिपाठी ने दुष्कर्म किया, वह कमरा हिस्ट्रीशीटर विनोद पाण्डेय के नाम पर अलॉट हुआ था। इसमें जिस मंत्री का नाम आया है वे कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए हैं और महंत सीताराम दास उर्फ समर्थ त्रिपाठी के पास आर्शीवाद लेने आते रहे हैं। हालांकि इस मामले में रीवा पुलिस ने अभी तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
