सांची-अमूल ने पहले ही जनता की जेब काटना शुरू कर दिया
जबलपुर। पेट्रोल-डीजल के बाद शहर में एक बार फिर दूध के दामों में भी आग लग गई है। दूधियों ने इस बार सीधे पांच से 6 रूपए तक दूध के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि कलेक्टर डॉ इलैयाराजा टी के साथ बैठक में डेयरी संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि दूघ 62 रुपए प्रतिलीटर बेचा जाए। दूधियों ने 1 अप्रैल से कलेक्टर की बात अनसुनी कर मनमानी की और दूध 65 रुपए लीटर बेचा। दरअसल, पिछले दिनों पैक्ड दूध कंपनी अमूल व सांची ने अपने उत्पादों के दामों को दो रूपए से चार रूपए तक बढ़ाए थे। जिसके बाद आज से शहर की लगभग सभी डेरियों के संचालकों ने दूध के दाम बढ़ा दिए हैं। इतना ही नहीं सांची और अमूल की भांति शहर की स्थानीय पैक्ड मिल्क बेचने वाली डेरियों ने भी सीधे 6 रूपए प्रतिलीटर रेट बढ़ा दिए हैं। शहर में जहां दूध के दाम 1 रुपए बढ़ने पर आंदोलन होता रहा, लेकिन अब राजनीतिक शून्यता और दूधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण जनता महंगे रेट पर दूध खरीदने मजबूर हो रही है। प्रशासनिक अमला भी मूल्य नियंत्रण को लेकर प्रयास करता था,लेकिन अब तो ऐसा महसूस हो रहा है कि सभी ने डेरी संचालकों को खुली छूट दे दी गई है।
महंगाई में क्यों पीछे रहें
आम जनता की रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होने के कारण दूध डेयरी वालों का भी हौसला बढ़ा है। वे यह कहने से नहीं चूकते कि जब सरकार की नीतियों से सब कुछ महंगा हो रहा है तो हम क्यों पीछे रहें। वहीं उनके पास डेयरी व्यवसाय में उपयोग होने वाली सामग्री व परिवहन का खर्च बढ़ने का भी बहाना है। ज्यादातर बड़े दूध व्यापारियों का सिंडिकेट है जो मनमाने ढंग से दूध के दाम बढ़ाते रहे हैं और अब 1 अप्रेल से शहर में सीधे 65 रुपए लीटर बेचा जा रहा है। इससे पहले कलेक्टर ने डेयरी संचालकों से कहा था कि शहर में दूध 62 रुपए लीटर बेचा जाए। लस्सी व दूध के उत्पादों में भी मनमाने रेट बढ़ा दिए गए हैं।

Collector sahab ko dhoodh briddhi se kya matlab,unke ghar to Prasad pouhuch gaya, aur ghar mai free mai dhoodh pouhane laaga,
ReplyDeleteYe sahab log jis shehar mai rahte hai,waha ye aam ke aam guthli ke bhi daam lekar jate hai,
Sab to free hota hai inka school, college,ke free briddhi mai bhi ye chup rahte hai