शासन के निर्देशानुसार वनाधिकारी पट्टाधारी/सिकमीदारी किसानों को वन पट्टा एवं सिकमी अनुबंध की प्रति उपलब्ध कराना जरूरी है। सिकमीदारी किसानों को पॉच हेक्टेयर से अधिक का पंजीयन नहीं किया जाएगा। किसानों को भुगतान के लिए केवल राष्ट्रीयकृत बैंक अथवा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के एकल खाते ही मान्य होंगे। किसानों से पंजीयन के समय फसल की किस्म, रकबा एवं विक्रय योग्य मात्रा की जानकारी भी प्राप्त कर आवेदन में दर्ज करना जरूरी है। किसान की भूमि का रकबा एवं बोई गई फसल, फसल की किस्म का विवरण गिरदावरी एप से लिया जाएगा। जिले में वनाधिकार पट्टाधारी/सिकमीदारी किसानों का पंजीयन सहकारी समितियों के निर्धारित 116 पंजीयन केन्द्रों पर ही किया जा रहा है।
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