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शराब की बोतलें तोड़ीं अब सिर फोड़ेंगी उमा भारती, बोलीं- महिलाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं

सियासी बयान तेज, सीएम शिवराज को पत्र लिखकर कहा-दुकान तो हटाना पड़ेगा

 भोपाल। भाजपा की फायर ब्रांड नेता व पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती द्वारा शराब दुकान में घुसकर बोतलें तोड़ने के मामले में मध्यप्रदेश में सियासी बयान तेज हो गए हैं। विधानसभा में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने कहा कि उमा भारती ने शिवराज सरकार की नीतियों पर पत्थर मारा है, वहीं पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने उमाजी की बहादुरी की दाद देते हुए कहा कि यदि आपसे प्रेरणा लेकर कोई आम आदमी ऐसा करता है तो क्या उमाजी उसे बचाने आगे आएंगी? वहीं मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि उमा भारती ने कहा है कि चाहे गौमाता पर अत्याचार हो या महिलाओं पर अन्याय, मै ऐसी ही प्रतिक्रिया देती हूं। वह तो अच्छा था कि वो शराब की बोतलें थीं, यदि कोई पुरुष महिलाओं का अपमान करेगा तो वे उसका सिर फोड़ देंगी।

 प्रशासन को शराब दुकान हटाने एक सप्ताह का समय दिया

 पूर्व सीएम उमा भारती ने कहा है कि वह शराब दुकान हटाने प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया है। उन्होने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिखकर मामले में अपनी सफाई दी है। पत्र में लिखा कि 13 मार्च को महिलाओं के आग्रह पर आजाद नगर में शराब की दुकान देखने गई। वहां महिलाओं से जानकारी मिली कि यह मजदूरों की बस्ती है। यहां मंदिर है, स्कूल है। वे तीन साल से शराब दुकान को बंद करने लिए धरने, प्रदर्शन कर रही हैं। प्रशासन आश्वासन देता है लेकिन दुकानें बंद नहीं होती। मैं उस दुकान को देखने के बाद वापस मुड़ी और महिलाओं से कहा कि शासन से बात करूंगी। इस दौरान अचानक कुछ महिलाओं ने रोते हुए बताया कि यहां शराब दुकान के पीछे के रहवासी परिवारों की महिलाओं व बच्चियां परेशान हैं। शराबी उनकी ओर खड़े होकर पेशाब करते हैं। मैं एक महिला हूं। रोती महिलाओं के सम्मान की रक्षा में मैंने पूरी ताकत से एक पत्थर शराब की बोतलों पर दे मारा, क्योंकि वह दुकान नियम विरु द्ध जगह है। वह पत्थर प्रदेश की स्त्रियों व बच्चियों के सम्मान के लिए है। इसलिए मेरी प्रतिक्रि या स्वाभाविक थी।

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