लार्डगंज थाने के पुलिस क्वार्टर में सिसकती रही मुस्कान थाने तक न जा सकी
जबलपुर। लार्डगंज थाने के पीछे बने पुलिस क्वार्टर में उसी थाने में पदस्थ आरक्षक की गर्भवती पत्नी पति सहित ससुराल वालों के अत्याचार से सिसकती रही, लेकिन चंद कदम दूर थाने में शिकायत करने नहीं जा सकी। मारपीट और जुल्म से वाकिफ पड़ोसियों ने हिम्मत जुटाकर आला अधिकारियों को जानकारी दी तो आरक्षक हषरुल मिश्र व परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकी।
मायके वालों से बात करने पर पाबंदी
जानकारी के मुताबिक के मुताबिक लार्डगंज थाने में पदस्थ आरक्षक हर्षुल मिश्र थाने के पीछे पुलिस क्वार्टर में रहता है। साथ में उसकी मां शील कुमारी, पत्नी मुस्कान मिश्र रहती है। मुस्कान की शादी कुछ समय पहले ही हुई है, उसके ससुर नहीं है। लार्डगंज थाने में पदस्थ पति आरक्षक हर्षुल मिश्र, सास शील कुमारी, ननद निधि तिवारी और नाना ससुर रामधार शास्त्नी शादी के कुछ समय बाद ही उसे प्रताड़ित करने लगे थे। उसे किसी के साथ बातचीत नहीं करने देते थे। कमरे में बंद करके रखते थे। मायके में मोबाइल फोन पर बात करती तो भी वे खड़े होकर सुनते थे। उसे बात नहीं करने देते थे और मारपीट करते थे। 15 मार्च को उसे पति व ससुराल वालों ने बेरहमी से पीटा जिससे वह बेहोश हो गई थी। बताया जाता है कि पड़ोस में रहने वाले दो परिवारों के सहयोग से मुस्कान ने वरिष्ठ अधिकारियों को अत्याचार की दास्तान सुनाई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। लार्डगंज पुलिस ने आरोपी पति हर्षुल मिश्र, सास शील कुमारी, ननद निधि तिवारी एवं नाना ससुर रामधार के खिलाफ कमरे में बंधक बनाकर मारपीट का प्रकरण दर्ज कर लिया है।