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प्रोफेसरी करते-करते भू-माफिया बन गए डॉ खान, प्रशासन ने मुक्त कराई करोड़ों की जमीन

50 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर बेच दिए फार्म हाउस 

जबलपुर। जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में प्रोफेसरी करते-करते डॉ. एमए खान भू-माफिया बन गए। डॉ खान ने नर्मदा से लगे खैरी गांव में 50 एकड सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसकी प्लॉटिंग कर कई लोगों को बेच दिया। इस भूमि पर कई लोगों ने वहां फार्म हाउस बना लिए हैं। जिला प्रशासन ने सोमवार को इस जमीन पर बुल्डोजर चलाकर अवैध कब्जे से मुक्त कराया। डॉ खान जेएनकेविवि में जनसंपर्क विभाग का प्रभार भी संभाल चुके हैं और यूनिवर्सिटी में उनका खासा दबदबा है।

 6 साल पहले हटाया, रसूख के बल पर फिर किया कब्जा

बताया जाता है कि भेड़ाघाट चौराहे से आगे गौ-बच्छा घाट के समीप नर्मदा से लगी 50 एकड़ जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर प्लाटिंग करने की शिकायत कलेक्टर इलैया राजा टी को मिली थी। 6 साल पहले भी खैरी पंचायत के अन्तर्गत इस जमीन पर अवैध कब्जा हटाया गया था, लेकिन डॉ खान ने रसूख के बल पर फिर कब्जा कर लिया था और कई लोगों को फार्म हाउस के नाम पर रजिस्ट्री कर दी थी। इस हाईप्रोफाइल मामले में प्रशासन ने दल बल के साथ कार्रवाई कर सरकारी जमीन को मुक्त करा दिया। खैरी पंचायत के माध्यम से जेसीबी मशीनों से पुलिस बल की मौजूदगी में वहां बने फार्महाउस तोड़ दिए गए। नर्मदा के किनारे गौ-बच्छा घाट के पास करीब 157 एकड़ सरकारी भूमि है। इसमें 50 एकड़ पर प्रोफेसर एमए खान का कब्जा रहा। बताया जाता है कि प्रशासन अब डॉ खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई कर रहा है। यह भी खबर है कि जेएनके विवि प्रशासन ने डॉ खान को पीआरओ पद से भी मुक्त कर दिया है।

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