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चरगवां में अग्निकांड, दपकिया गांव में जिंदा जले मवेशी और उपज, फायर ब्रिगेड 3 घंटे बाद पहुंची

देर रात गांव में हाहाकार, विधायक संजय यादव ने कहा- तहसील में उपलब्ध नहीं दमकल

जबलपुर। चरगवां के आदिवासी बहुल ग्राम डिपकी में आग लग जाने से पांच जानवर जिंदा जल गए और 50 क्विंटल से ज्यादा रखी गेहूं और मूंग की उपज जल कर खाक हो गई है। आगजनी का कारण फिलहाल शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, लेकिन प्रशासन ने इसकी जांच शुरु कर दी है। बताया जा रहा है कि रविवार रात 8 बजे के आसपास लगी आग को बुझाने गांव वाले देर तक परेशान होते रहे। इसकी सूचना तत्काल ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन दमकल वाहन तीन घंटे बाद पहुंचा जब तक सब कुछ जल कर खाक हो गया था। गांव वालों के मुताबिक यहां नुकसान बहुत अधिक मात्र में हुआ है और जानवर भी अधिक संख्या में जल गए हैं। 

मामले की जानकारी मिलते ही विधायक संजय यादव भी घटना स्थल पर पहुंचे। यहां किसान देवी सिंह और पुहप सिंह पटेल के मकान में आग लगी। इसकी जानकारी शहपुरा मुख्यालय को दी गई थी, लेकिन दमकल वाहन ही मौके पर नहीं आए और जब तक आए तब तक संकरा रास्ता होने से निकलने में वक्त बीत गया। प्रशासन कर रहा नुकसान का आंकलन बरगी सीएसपी प्रियंका शुक्ला के मुताबिक किसान के यहां 20 से ज्यादा मवेशी थे, लेकिन अधिकतर बच गए हैं और 5 मवेशी आग में जल गए। इस नुकसान का आंकलन 10 लाख रुपए से ज्यादा किया जा रहा है। उधर, एसडीएम अनुराग सिंह के मुताबिक पूरे मामले की जांच कर किसान को हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। इसमें पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाया जाएगा। 

तहसील में दमकल वाहन क्यों नहीं 

मौके पर पहुंचे विधायक संजय यादव ने पीड़ित पटेल परिवार को दिलासा देकर शासन-प्रशासन से उचित मुआवजा दिलाने आश्वासन दिया है। उन्होने मौके पर ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की क्लास लगाते हुए कहा कि उनके द्वारा बार-बार पत्रचार और मौखिक रूप से तहसील कार्यालय में दमकल वाहन की व्यवस्था करने मांग की जाती रही है। यहां तक कि यह भी कहा गया है कि विधायक निधि से दमकल वाहन खरीद लिया जाए ,लेकिन सिस्टम की लचर व्यवस्था का नतीजा यह हुआ है कि आज आपदा के समय एक भी दमकल वाहन यहां नहीं पहुंच सका जिससे नुकसान हो गया।

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