खरगोन 02 मार्च 2022। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड खरगोन के कार्यपालन यंत्री द्वारा
कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा पी को प्रतिवेदन किया था कि जिले में जल स्त्रोत का जल स्तर
कम होने एवं आगामी माह में पेयजल एवं निस्तार के लिए जल की कमी से उत्पन्न होने
वाली समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए पेयजल परिरक्षण अधिनियम लागू करना आवश्यक
है। साथ ही जिले में स्थित नदी, तालाबों, कुए एवं नलकूप आदि समस्त जल स्त्रोतों में
संग्रहित जल को जनहित में जनता के पेयजल, घरेलू उपयोग एवं निस्तार के लिए सुरक्षित
रखा जाना आवश्यक है। प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर श्रीमती अनुग्रहा ने इन
परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सम्पूर्ण जिले में नर्मदा नदी को छोड़कर पेयजल
परिरक्षण अधिनियम 1986 की धार 3 (क) के तहत आगामी आदेश पर्यनत तक जल
अभावग्रस्त घोषित किया है। यह आदेश जारी होने के दिनांक से 15 जुलाई 2022 तक की
समयावधि में सक्षम अधिकारी की अनुमति के जिले के किसी भी क्षेत्र में नलकूप खनन
करना प्रतिबंधित रहेगा। केवल शासकीय विभाग द्वारा पेयजल व्यवस्थाओं के लिए खनन
किए जाने वाले नलकूपों की अनुमति रहेगी। वहीं अन्य प्रयोजन के लिए नलकूप खनन
करने की अनुमति क्षेत्र से संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा प्रदान करने के
पश्चात ही खनन का कार्य किया जाए।साथ ही संबंधित अधिकारी अपने क्षेत्र के निजी
नलकूप/कुओं को जल अभाव क्षेत्र घोषित हाने से अधिग्रहित करें। यह आदेश नर्मदा नदी
पर प्रभावशील नहीं रहेंगे। इन आदेशों का उल्लंघन करने पर संबंधित के विरूद्ध अधिनियम
की धारा 9 के तहत दण्डनीय कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश 28 फरवरी को कलेक्टर
श्रीमती अनुग्रहा के हस्ताक्षर एवं कार्यालयीन पदमुद्रा से जारी हुए हैं जो तत्काल प्रभाव से
प्रभावशील होंगे।

