मुस्लिम लड़कियों के हिजाब पहनकर स्कूल जाने का मामला
। कर्नाटक में बवाल के बाद मध्य प्रदेश के स्कूलों में हिजाब बैन करने का बयान देने वाले स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह संगठन की फटकार के बाद बैकफुट पर आ गए हैं। उन्होने कहा कि मीडिया ने मेरा बयान तोड़-मरोड़कर दिया है। वहीं गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र ने कहा है कि शिक्षण संस्थाओं में हिजाब पर प्रतिबंध करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है।
कांग्रेस पर माहौल बिगाड़ने का आरोप
बताया जाता है कि स्कूल शिक्षा मंत्री के बयान के बाद प्रदेश बीजेपी संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। वहीं बुधवार को कैबिनेट बैठक में हुए फैसलों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्र ने कहा कि हिजाब प्रतिबंध कर्नाटक राज्य का मामला है जो हाईकोर्ट में विचाराधीन है। प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध करने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। हिजाब को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, जब प्रतिबंध को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं है तो उस पर प्रतिबंध की बात बेमानी हो जाती है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले को तूल देकर कांग्रेस साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रही है। प्रदेश में शांति भंग नहीं होने देंगे जो ऐसा करेगा उसे सजा भुगतनी होगी। इसके बाद स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मंगलवार को दिए अपने बयान का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में समानता और अनुशासन के लिए ड्रेस कोड की बात की गई थी, कुछ लोगों ने उसका गलत अर्थ निकाल कर लक्ष्य सदर्भ में देश के सामने रख दिया। मैं उसका खंडन करता हूं।