खरगोन/26 फरवरी 2022/, आज शनिवार को जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी बोरावां में मॉ नर्मदा गौ सत्याग्रह जन जागरण एवं जन आंदोलन समिति के संचालक समर्थ सद्गुरू द्वारा नर्मदा परिक्रमा के दौरान कसरावद पधारने पर संस्थान के छात्रों से संवाद किया । उन्होनें अपने संवाद में विद्यार्थियों से आव्हान किया कि वे भी आगे आये और अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करें । उन्होनें आगे कहा कि हमारी परंपरा संस्कृति राष्ट्र की पहचान है । हमारी संस्कृति हमें धरा, धेनु , गंगा और मॉ नर्मदा से जोड़ती है । हमारा देश विश्व की सबसे प्राचीन संस्कृति का केन्द्र है । हमारी संस्कृति मुख्यतः नदियों एवं प्रकृति पर केन्द्रित है । हमारे यहॉ नदियों को मॉ का दर्जा प्राप्त है । हम उन्हें पूजते हैं हम उन्हें मानते है क्योंकि उनसे ही हमारा जीवन चलता है । नदियॉ हमारी अर्थव्यवस्था , धार्मिक मान्यताओं का मूल आधार है । हम गौ माता को भी पूजते हैं हमारी उपासना प्रकृति पर केंद्रित है ।
नदी को जानो से आशय उन्होंने समझाया कि गंगा, यमुना, नर्मदा जैसी विशाल नदियॉ हमारे राष्ट्र का मेरूदण्ड है । जीवन व्यवस्था और विकास की रीढ़ है जिसके बिना राष्ट्र का चलना असंभव है । आज के समय में हमारी नदियॉ अवैध उत्खनन एवं प्रदूषण से अपना अस्तित्व खो रही है । समाज में संक्रमण बढ़ रहा है जिसके चलते स्वस्थ्य एवं बेहतर जीवन की परिकल्पना असंभव है । हमारे युवा आगे आये और नदियों के संरक्षण का संकल्प लें । उन्हें प्रदूषित होने से बचाएॅ और उनकी रक्षा करें तभी हम एक स्वस्थ्य समाज की कल्पना कर सकते हैं । नर्मदा का जल जितना स्वच्छ होगा , पवित्र होगा उतना ही हमारा समाज स्वस्थ एवं संक्रमण से मुक्त होगा ।
युवा संवाद कार्यक्रम के समापन पर संस्थान के प्राचार्य डॉ. अतुल उपाध्याय एवं डीन डॉ. सुनील सुगंधी ने समर्थ सद्गुरू को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर आर्शीर्वाद प्राप्त किया एवं विद्यार्थियों से मॉ नर्मदा की सेवा एवं उसे स्वच्छ एवं निर्मल बनाए रखने में अपना सहयोग करने की अपील की । नदी को जानो , युवा संवाद कार्यक्रम का संचालन प्रो. नितिन नामदेव ने किया ।
