कटनी (9 फरवरी)- सेंटर में आने वाले प्रकरणों का सूक्ष्मता से अध्ययन करें। उसके दूसरे पहलुओं को भी देखें और दूसरे विभागों, जिलों व राज्यों से समन्वय स्थापित करते हुए काम करें। प्रकरणों में निपटारा होने के बाद उसका फॉलोअप भी अवश्य लेते रहे हैं। यह निर्देश कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित वन स्टॉप सेंटर के निरीक्षण के दौरान दिए। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि सेंटर में जो भी महिलाएं ठहरती हैं, उनके पढ़ने के लिए महिलाओं से संबंधित अच्छी पुस्तकें उपलब्ध हों, इसके लिए पुस्तकालय की स्थापना करें।
इससे पहले कलेक्टर श्री मिश्रा ने वन स्टॉप सेंटर में आने वाले मामलों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। सेंटर में किस तरह के मामले अधिक आते हैं, इसकी जानकारी ली और उन मामलों में किस तरह से और काम किया जा सकता है, इस संबंध में निर्देश प्रदान किए। उन्होंने महिलाओं के ठहरने के लिए बने शयन कक्ष, किचिन आदि का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखीं और आवश्यक निर्देश दिए।
बाल गृहों का भी किया निरीक्षण
कलेक्टर श्री मिश्रा ने समेकित बाल संरक्षण योजना अंतर्गत संचालित बाल गृहों का भी निरीक्षण किया। आशा किरण बाल गृह, किलकारी शिशु गृह व आसरा बाल गृह का निरीक्षण कर कलेक्टर श्री मिश्रा ने उपलब्ध सुविधाएं देखीं और रहने वाले बच्चों के शिक्षा व कैरियर निर्माण के लिए प्रयास करने बल दिया। कलेक्टर ने बाल गृहों में निवासरत बालकों से चर्चा कर उनसे शिक्षा व संस्थाओं में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। कलेक्टर श्री मिश्रा ने खेल, कला एवं अन्य सहपाठ्यक्रम गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बालकों को प्रोत्साहित किया और विभाग के कार्य की सराहना भी की। इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग नयन सिंह, सहायक संचालक वनश्री कुर्वेती सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
