लक्ष्मी से कार्यस्थल पर मेट चयन के बाद जीवन में आने वाले परिवर्तन को लेकर मनरेगा योजना प्रभारी डॉ. अजीत सिंह ने चर्चा की। चर्चा में लक्ष्मी ने बताया कि वह उसके पति पूर्व में सक्रिय श्रमिक के रूप में मनरेगा योजना अंतर्गत कार्य करते थे। महिला मेट के रूप में उसका चयन होने के बाद वह अभी तक 6700 रूपये भुगतान पा चुकी है और लगभग 11 सप्ताह के भुगतान की प्रक्रिया भी प्रचलन में है। जिससे अब वह अपनी दोनों बेटियों की शिक्षा दीक्षा और परिवार का भरण पोषण बेहतर तरीके से कर पा रही हैं। लक्ष्मी का कहना है कि मनरेगा योजना महिलाओं के विकास के लिए
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