नई आबकारी नीति के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचा नागरिक उपभोक्ता मंच
जबलपुर। मॉल,एयरपोर्ट व सुपर मार्केट सहित कम्पोजिट दुकानों में देशी-विदेशी शराब की बिक्री असंवैधानिक है। प्रदेश में वर्ष 2022 के लिए लागू नईआबकारी नीति की व्यवस्थाएं भारतीय संविधान, एक्साइज एक्ट और खाद्य सुरक्षा कानून के भी खिलाफ है। यह व्यवस्था भेदभाव और मनमानी से भरी हुई है। इसलिए इसे तत्काल वापस लिया जाए। यह मांग करते हुए नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे और रजत भार्गव ने याचिका दायर की है जिसमें एडवोकेट दिनेश उपाध्याय द्वारा पैरवी की जाएगी। याचिकाकर्ताओं के अनुसार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 47 में सरकार को निर्देश हैं कि मादक पदार्थो जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है उनके सेवन बंद करने प्रयत्न करे,लेकिन इसके उल्टे प्रदेश सरकार ने नई शराब व्यवस्था में कम्पोजिट दुकानों में देशी और विदेशी शराब की बिक्री तथा सुपर मार्केट में भी शराब बिक्री के लिए आसानी से शराब उपलब्ध कर शराब भी सस्ती कर दी है। एक्साइज एक्ट के अनुसार केवल जिला योजना समिति ही शराब दुकान के स्थान को परिवर्तित कर सकती है, लेकिन सरकार ने यह व्यवस्था विधायकों के हाथ में सौंप दी है। यह एक्साइज एक्ट का उल्लंघन है। नई व्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्र को आयातित शराब बिक्री से वंचित कर ग्रामीण उपभोक्ताओं के साथ भेदभाव किया गया है। कानून के तहत शराब की बोतल पर भी शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है यह अंकित करने के निर्देश हैं लेकिन इसके उलटे सस्ती और जहां-तहां शराब उपलब्ध कराना विरोधाभास को दर्शाता है।