प्रधानमंत्री ने सीएनजी गोबर धन प्लांट का शुभारंभ कर जमकर तारीफ भी की
इंदौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदौर में एशिया के सबसे बड़े सीएनजी गोबर धन प्लांट का लोकार्पण वर्चुअली किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुए। पीएम मोदी ने कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर के साथ ही आज इंदौर का नाम आते ही मन में आता है स्वच्छता। उन्होने इंदौर के नागरिकों की स्वच्छता के प्रति ईमानदार कोशिश की जमकर तारीफ की और कहा कि यहां के लोग सिर्फ सेव (नमकीन) के शौकीन नहीं हैं बल्कि अपने शहर की सेवा करना भी इन्हें आता है। देवी अहिल्याबाई होल्कर के सेवा भाव, माहेश्वर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि समय के साथ इंदौर बदला, ज्यादा अच्छे के लिए बदला, लेकिन देवी अहिल्या की प्रेरणा को विस्मृत नहीं होने दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा शहर में घरों से निकला गीला कचरा हो, गांव में पशुओं-खेतों से मिला कचरा हो, ये सब एक तरह से गोबरधन ही है। शहर के कचरे और पशुधन से गोबरधन, फिर गोबरधन से स्वच्छ ईंधन, फिर स्वच्छ ईंधन से ऊर्जाधन, ये श्रंखला, जीवनधन का निर्माण करती है। आने वाले दो वर्षों में देश के 75 बड़े नगर निकायों में इस प्रकार के गोबरधन बायो सीएनजी प्लांट बनाने पर काम किया जा रहा है।
स्वच्छता में देश-दुनिया का मॉडल बना इंदौर
पीएम मोदी ने कहा कि शहर के कचरे और पशुओं के कचरे से गोबर धन और गोबरधन से स्वच्छ ईंधन। स्वच्छ ईंधन से स्वच्छ पर्यावरण। यह जीवन धन का निर्माण करता है। इस श्रृंखला की प्रत्येक कड़ी एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। इंदौर का यह गोबर धन प्लांट दूसरे शहरों को प्रेरणा देगा। दो वर्षों में 75 बड़े नगर निकायों में इस प्रकार के बायो सीएनजी प्लांट बनाने का काम किया जा रहा है। यह अभियान भारत के शहरों को स्वच्छ बनाने, प्रदूषण रहित बनाने, क्लीन एनर्जी की दिशा में बहुत मदद करेगा।
नगरीय प्रशासन मंत्री का नाम होने पर कांग्रेस ने ली चुटकी
पीएम के कार्यक्रम में आमंत्रण पत्र और विभाग के विज्ञापन में नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह का नाम गायब होने की चर्चा दिनभर रही। हालांकि कांग्रेस द्वारा इस पर चुटकी लेने के बाद भूपेंद्र सिंह ने सफाई दी कि वे स्वास्थगत कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। मंत्री की साफगोई पर कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि विभाग के मंत्री का नाम न देकर दलबदलुओं को स्थान दिया गया। सलूला ने सवाल किया कि क्या बीमार होने पर कार्ड में प्रोटोकाल के हिसाब से मंत्री का नाम तो होना चाहिए। वे अस्वस्थ होकर भी वचरुअल कार्यक्रम से जुड़ सकते थे जैसे मुख्यमंत्री भी अस्वस्थ होने के बाद कार्यक्रम से वर्चुअल जुड़े।