जिसमें राज्यपाल की भूमिका में षिवम नेवारे, विधनसभा अध्यक्ष कु. सुहानी राणा, मुख्यमंत्री अभिषेक भोण्डेकर, गृहमंत्री इदरिस खान, षिक्षा मंत्री मानसी पंचेष्वर, पर्यावरण मंत्री खुषी मुनेष्वर ऊर्जा मंत्री यामिनी ठाकरे, सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री अंकित हनवत, वनमंत्री शरण्या चौरे, जनषिकायत निवारण मंत्री मानसी हाथीमारे, खनिज संसाधन मंत्री सोनिका बोमरडे संसदीय कार्यमंत्री नीतू लिल्हारे, लोक निर्माण मंत्री वंष सेवईवार नेता प्रतिपक्ष सुषांत टेम्भुरने तथा विधानसभा उपाध्यक्ष का अभिनय सिद्धार्थ गेडाम द्वारा बखूबी निभाया गया । विपक्षी विधायकों की भूमिका में विषाखा बम्बूरे, कृष्णा भारद्वाज, खुषी केकेडे, आयुष राहंगडाले, तेजस्विनी लिल्हारे, डॉली राहंगडाले, आरती सिंह, अभिषेक धुर्वे, हिमांषी गौतम, राषि पटवा, मानसी कसार, मयूर मेश्राम, राषि बंषपाल ने बेहतरीन प्रर्दषन किया ।
अपने स्वागत उद्बोधन में संस्था के प्राचार्य श्री एल सी मानवटकर ने कहा कि युवा संसद के मंचन का उद्देष्य छात्र -छात्राओं में संसदीय प्रणाली एवं प्रक्रिया के प्रति समझ विकसित करना है तथा भावी नेता अपने देष की विधायिका मे किस प्रकार का आचरण करेंगें एवं लोकतंत्रात्मक प्रणाली में अपने आपको कैसे स्थापित करेंगे इसका उत्तरदायित्व सौपना है । उन्होंने समस्त अतिथियों का स्वागत एंव अभिनन्दन किया । मुख्य अतिथि आसंदी से बोलते हुये प्रो0 संतोष कुमार सक्सेना ने छात्र छात्राओं के अभिनय की काफी प्रषंसा करते हुये कहा कि युवा संसद को विद्यालय में स्थापित कर सरकार में यह एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है । इससे समाज के सभी वर्गो तथा विद्यार्थियों को षिक्षा के साथ संसदीय पद्धति तथा प्रक्रिया का ज्ञान हासिल होता है ।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो0एल0सी0 जैन ने कहा कि मंत्री, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, राज्यपाल के क्या दायित्व होते हैं इसकी जानकारी हमें युवा संसद के माध्यम से मिलती है । उन्होनें सभी को अपना आर्षिवाद दिया तथा राजनीति के क्षेत्र में युवा नागरिकों के आने की अपेक्षा की । अंत में श्रीमती नीलम श्रीवास्तव के द्वारा अतिथिगणों के प्रति आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया । इस कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती पूनम मिश्रा, श्रीमती मनीषा हरिनखेडे, कल्पना ठोम्बरे, रंजना तिवारी, नीतू मोहारे, श्री शरद ज्योतिषी, नीलकमल मेश्राम, एंव श्री प्रखर बाहे ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से श्री के एल लिल्हारे अनिल हरिनखेडे महेन्द्र समरीते, आर एस परिहार, टी के गौतम शेख इजराईल दूधगोंरे एन के तोमर, श्री एम एस चौधरी श्री बी एस चौधरी श्री बी एस खरकाटे, कौषलेन्द्र थोटे, श्री उमाषंकर पटले, भारती षरणगत, अवधनारायण त्रिपाठी, तरूण बिसेन, सुनिता बिसेन, खिलेन्द्र पाल सिंह बिसेन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे ।
