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स्मार्ट सिटीज की रैंकिंग में जबलपुर ‘गोल’, सागर-सतना जैसे मझौले शहर शामिल


भोपाल अव्वल, इंदौर दूसरे नंबर पर, सागर को 42 व सतना को 71वीं रैंकिंग
जबलपुर । देश की 100 स्मार्ट सिटीज में विभिन्न मापदंडों पर किए जाने वाले कार्यो के आधार पर की गई रैंकिंग में जबलपुर स्मार्ट सिटी का नाम ‘गोल’ है। मध्यप्रदेश के कई शहरों ने रैंकिंग में बाजी मारी है और  सागर और सतना स्मार्ट सिटी की रैंकिंग का रिपोर्ट में उल्लेख है, लेकिन जबलपुर का नाम नहीं है। वहीं राजधानी भोपाल अव्वल रहा और इंदौर का दूसरा नंबर है। सागर को 42, उज्जैन 58 एवं सतना को 71वीं रैंकिंग मिलने की खबर है।
कई स्मार्ट सिटीज का परफार्मेस अच्छा नहीं माना गया 
स्मार्ट सिटी की रैंकिंग में बाकी स्मार्ट सिटीज का परफार्मेस उतना अच्छा नहीं रहा है। सिर्फ स्मार्ट सिटी सागर ही रैंकिंग की 50 पायदान के दायरे में आ सकी है। सागर को देश भर में 42वीं रैंकिंग मिली है। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रलय द्वारा स्मार्ट सिटीज के कामों की मानीटरिंग करने के साथ उनकी वर्किग के आधार पर रैंकिंग भी की जाती है। इसकी रैंकिंग विभिन्न मापदंडों के आधार पर जारी की जाती है और इसे जीएमआईएस पोर्टल पर अपडेट की जाने वाली जानकारी के आधार पर घोषित किया जाता है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जता चुके हैं नाराजी 
देशभर की 100 स्मार्ट सिटीज के बीच जारी होने वाली रैंकिंग में जिन मापदंडों के आधार पर ताजा रैंकिंग जारी की गई है, उसमें पूर्ण हो चुकी परियोजनाएं, फंड ट्रांसफर और फंड यूटिलाइजेशन, आउटपुट फ्रेमवर्क, एडवाइजरी मीटिंग, इंटर्नशिप पूर्ण कराना, प्रोजेक्ट वर्क आर्डर और परफार्मेस आदि शामिल हैं।  गुरुवार को जारी की गई रैंकिंग में भोपाल की रैंक 1 और इंदौर की रैंक 2 है। सागर स्मार्ट सिटी ने 42वीं रैंक हासिल की है। यह भोपाल और इंदौर के बाद प्रदेश में तीसरे नंबर पर है। एक साल पहले फरवरी 2021 में सागर की रैंक 71वीं थी। इसके अलावा उज्जैन की वर्तमान रैंक 58, ग्वालियर की 67 और सतना की 79 रैंक है। गौरतलब है कि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने दो माह पहले स्मार्ट सिटीज के काम-काज को लेकर नाराजगी जताई थी। दिसम्बर में हुई बैठक में सीएम चौहान ने नगरीय विकास विभाग के अफसरों को फटकार लगाते हुए स्मार्ट सिटी के कामों में हुए टेंडर की प्रक्रिया में नाराजगी जताई थी। उन्होंने 2019 में हुए टेंडर्स की जांच करने के निर्देश भी नगरीय विकास विभाग को दिए हैं जिसकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है। सीएम  ने विभाग के अधिकारियों से यहां तक कहा था कि स्मार्ट सिटी के काम में गुणवत्ता की कमी की शिकायतें मिली हैं, जिसकी जांच के बाद एक्शन लिया जाएगा। 

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