शासन ने इस वर्ष उपार्जन प्रक्रिया में आंशिक संसोधन किया है। पूर्व में किसानों को फसल बेचने के लिए एसएमएस प्राप्त होता था। बदली हुई प्रक्रिया में किसान अब नजदीक के उपार्जन केंद्र तिथि और टाइम स्लॉट का स्वयं चयन कर सकते है। उपार्जन केंद्र, तिथि और टाइम स्लॉट का चयन नियत तिथि के पूर्व करना अनिवार्य होगा। किसानों को भुगतान में भी सहूलत प्रदान करने के उद्देश्य से भुगतान प्रक्रिया में भी संसोधन किया है। पूर्व में किसान द्वारा बेंची गई फसल का भुगतान उनके द्वारा पंजीयन के समय इंट्री किये गए बैंक खाते में होता था। लेकिन कई किसानों के खाते और आईएफएससी में त्रुटि होने के कारण भुगतान असफल होते रहे है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए इस बार बैंक खाता और आईएफएससी कोड की इंट्री की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। अब किसानों को उपार्जित फसल का भुगतान उनके आधार नम्बर लिंक खाते में सीधे प्राप्त होगा।
*सम्पूर्ण समाचारो के लिए न्याय क्षेत्र भोपाल होगा समाचार का माध्यम मध्य प्रदेश जनसम्पर्क है