श्री जैन बताते हैं कि पहले वह अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में निवास करते थे। छोटा व कच्चा मकान होने के कारण बरसात में छत चुने ,सड़क का पानी घर में घुसने तथा शीत ऋतु में कड़ाके की ठंड तथा गर्मी में चिलचिलाती गर्मी जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। रात को सोते समय भी सांप आदि जहरीले किलो के काटने का डर सताता था। श्री जैन कहते हैं कि वे अपने परिवार को स्वयं के मकान में अच्छा जीवन देखने का सपना संजोए हुए थे किंतु कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते उनका यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा था। इस दौरान उन्हें नगरपालिका के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली।
श्री जैन कहते हैं कि उनकी खुशी का ठिकाना तब नहीं रहा जिस दिन उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में उनका नाम दिखा। योजना के तहत मिली ढाई लाख की राशि से शीघ्र ही उनका मकान शीघ्र बनकर तैयार हो गया। जिसमें अब वे अपने परिवार के साथ खुशी खुशी जीवन व्यापन कर रहे हैं।
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