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संतुलित खाद एवं उर्वरक का उपयोग कर कृषक मुनाफे की ओर बढ रहें है


विदिशा, दिनांक नौ फरवरी 2022

      विदिशा जिले के कृषकों को नवीन तकनीकी से खेती किसानी कर मुनाफे और प्रगति की ओर अग्रसर करने हेतु शासन द्वारा संचालित की जा रही आत्मा परियोजना अंतर्गत कृषक प्रशिक्षण लेने के उपरांत नवीन तकनीकों का इस्तेमाल कर खेती में पूर्व की भांति वर्तमान में अधिक मुनाफा हासिल कर रहे हैं।

   विदिशा जिले के ग्राम भाटनी में निवासरत कृषक श्री राजेश मीणा पुत्र श्री मुंशीलाल मीणा काफी मेहनती कृषक हैं। उनमें उन्नत खेती करने का जुनून और जज्बा है। परंतु कमी थी तो मार्गदर्शन की। कृषक श्री राजेश मीणा अपनी जमीन पर संतुलित उर्वरक एवं खाद का उपयोग कर खेती करना चाहते थे। परंतु मार्गदर्शन न मिलने के कारण नहीं कर पा रहे थे। इसी दरमियान कृषक श्री मीणा की मुलाकात आत्मा परियोजना के सहायक तकनीकी प्रबंधक श्री अशोक रघुवंशी से हुई एवं उनके समक्ष अपनी जिज्ञासा रखी। कृषक द्वारा आत्मा परियोजना अंतर्गत आयोजित गतिविधियोंकृषक प्रशिक्षणभ्रमण आदि में सक्रिय रूप से भाग लिया गया। अधिकारियों के द्वारा कृषक  के घर पहुंचकर देखा कि उनके पास पांच-छह पशु हैं। अधिकारियों ने कृषक को नाडेप एवं वर्मी कंपोस्ट बनाने की विधि बताई एवं केंचुए भी उपलब्ध कराए। अपने खेत पर 4 वर्मी कंपोस्ट पिट का निर्माण कराया। कृषि विभाग तथा आत्मा परियोजना के माध्यम से धानगेहूं एवं चना की उन्नतशील प्रजातियां जैसे एचआई-8759, एचआई-8713, जेजी-12, जेजी-14 का बीज भी उपलब्ध कराया गया।

    कृषक श्री राजेश मीणा ने बताया कि जैविक एवं रासायनिक खाद के संतुलित उपयोग से वर्तमान में वह अपनी 5 हेक्टेयर जमीन पर खरीफ में धान लगाते हैं। जिससे वह 70 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन प्राप्त करते हैं तथा गत वर्ष रबी में गेहूं की एचआई-8759 किस्म से 73 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन प्राप्त किया। जैविक खाद एवं वर्मी कंपोस्ट के उपयोग से उर्वरक एवं कीटनाशक पर होने वाले खर्चों में 50 प्रतिशत तक कमी आई है। कृषक श्री मीणा अब ग्राम के अन्य कृषकों को भी जैविक खेती करने हेतु प्रेरित कर रहे हैं।






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