प्लेटफार्म-6 पर 20 फरवरी की रेड में महिला बुकिंग क्लर्क को राहत पर सवाल
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे की विजिलेंस टीम ने आर्थिक अनियमितता रोकने मुख्य स्टेशन के बुकिंग ऑफिस में छापा मारा, लेकिन जिस महिला बुकिंग क्लर्क के पास 35 सौ रुपए अधिक मिले, उसका प्रकरण बनने के बाद रिपोर्ट में मात्र 35 रुपए बताए गए। बताया जाता है कि विगत 20 फरवरी की दोपहर लगभग तीन बजे विजिलेंस टीम मेंम्बर संजय मिश्र सहित अन्य निरीक्षक और स्टाफ द्वारा रेलवे प्लेटफॉर्म नंबर 6 के बुकिंग काउंटर पर रेड मारी गई थी। इस मामले में आरोपी बनाई गई महिला बुकिंग क्लर्क को अचानक राहत दे दी गई। बताया जा रहा है, कि आरोपी बनाई गई महिला बुकिंग क्लर्क के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मंडल एवं जीएम कार्यालय में की गईं हैं।
बुकिंग काउंटर में ज्यादा राशि कैसे आई
सूत्रों के मुताबिक प्लेटफॉर्म नंबर 6 के बुकिंग काउंटर पर विगत 20 फरवरी को हुई रेड के बाद महिला बुकिंग क्लर्क को 3500 रुपए अतिरिक्त राशि के साथ पकड़ा गया था। इसके बाद बाकायदा प्रकरण भी बनाया गया था, लेकिन अचानक 3500 की बजाय राशि मात्र 35 रुपए शो कर दी गई। इस पूरे खेल में वाणिज्य विभाग से जुड़े दो अधिकारियों का अहम रोल बताया जा रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि पहले से विवादित हैं कार्रवाई
रेलवे कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि विजिलेंस टीम हमेशा सवालों के दायरे में रही है और अपनी अनेक कार्रवाई के चलते विवादित है, इसलिए इस घटनाक्रम पर रेलवे के ही जानकार सवाल उठा रहे हैं। इसका विपरीत असर यह हो रहा है, कि विजिलेंस जैसी संस्था जो कि भ्रष्टाचार पर कंट्रोल करने रेलवे के भीतर एक्टिव की गई थी उस पर से अधिकारी-कर्मचारी और यात्रियों का भरोसा घटता जा रहा है। वहीं कर्मचारियों ने इस गोलमाल की शिकायत आला अधिकारियों से की है। इस संबंध में विजिलेंस के उप मुख्य सतर्कता अधिकारी बसंत शर्मा का कहना है कि यह कार्रवाई सीसीटीवी कैमरों के समक्ष हुई है, इसलिए क्या हुआ है, वह रिकॉर्ड है, चूंकि मामला अभी जांच में है इसलिए अधिक बोलना उचित नहीं है। उन्होने कहा कि रिपोर्ट आने पर ही कुछ कहा जा सकता है, जो भी दोषी होगा उस पर सख्त कार्रवाई होगी।