बूथ विस्तारक अभियान के बाद एक और मैदानी तैयारी में भाजपा संगठन
भोपाल। भाजपा 30 जनवरी तक बूथ विस्तारक अभियान चलाने के बाद नए वोटरों को पार्टी से जोड़ने की नई तैयारियों में जुट गई है। पार्टी इस अभियान के पूरा होने के बाद यूथ कनेक्टिविटी अभियान चलाएगी। इसमें संगठन द्वारा भारतीय जनता युवा मोर्चा की टीम को नया टास्क दिया गया है। वहीं भाजपा की तैयारी के जवाब में कांग्रेस ने मिशन 2023 के तहत पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने का प्लान बनाया है। इसके तहत हर बूथ पर जाकर वोटर लिस्ट चेक की जाएगी और जहां गड़बड़ी दिखेगी उसकी शिकायत कर दुरुस्त किया जाएगा।
यूथ कनेक्टिविटी पर संगठन का फोकस
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि 18 साल की उम्र पूरी कर चुके नव मतदाता पार्टी की रीति नीति से प्रभावित हैं। वे पार्टी से जुड़ना चाहते हैं। यह बात विस्तारक अभियान के दौरान संवाद में सामने आई है। इसलिए विस्तारक अभियान खत्म होने के बाद यूथ कनेक्टिविटी का काम पार्टी करेगी। इस अभियान को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा है कि सभी 65 हजार बूथों पर इस अवधि में विस्तारकों के पहुंचने का लक्ष्य है, यदि तकनीकी कारणों से कुछ बूथ शेष रह गए तो उन बूथों पर विस्तारक अभियान का काम पूरा करने के लिए समय में वृद्धि की जा सकती है। ऐसे बूथों पर दो चार दिन का अतिरिक्त समय देकर विस्तारकों को वहां पार्टी के 22 सूत्रीय एजेंडे के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
एन चुनाव के वक्त गलती नहीं करेगी कांग्रेस ...
कांग्रेस अब मिशन 2023 के लिए अब कोई चूक नहीं करना चाहती है। रणनीति के तहत हर वह काम पहले ही पूरा करने की तैयारी में है, जो उसने 2018 के चुनाव के दौरान ऐन वक्त पर किया था। पहले होमवर्क करने के साथ ही वोटर लिस्ट को चैक करने का अभियान चलाया जाएगा। वर्ष 2018 में वोटर लिस्ट को लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने लाखों फर्जी वोटर शामिल किए जाने का आरोप लगाया था। अब कांग्रेस मिशन 2023 के तहत सबसे पहले वोटर लिस्ट पर ही फोकस कर रही है। इसे व्यापक अभियान के रूप में किया जाएगा। इसका कुछ काम घर चलो, घर-घर चलो अभियान के साथ शुरू होगा। इसके बाद भी वह वोटर लिस्ट को चैक करने के लिए लगातार सक्रिय रहेगी। कांग्रेस ने एक जनवरी 2022 की स्थिति में तैयार हुई वोटर लिस्ट से प्रदेश के सभी वोटर्स का मिलान करेगी। इसके बाद इन मिलान को ब्लॉक एवं जिला अध्यक्षों को दिया जाएगा। यदि इनमें मिलान नहीं हुआ तो कांग्रेस प्रदेश स्तर पर वोटर लिस्ट में सुधार करवाने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी से लेकर चुनाव आयोग के पास जा सकती है।