गैंगरेप का दृश्य भूला नहीं सुरेश, एक के उड़ा दिए चीथड़े
रतलाम। बदला...बदला..बदला..। फिल्म आखिरी रास्ता में अमिताभ बच्चन ने दोहरा किरदार निभाकर पत्नी जया प्रदा के साथ बलात्कार करने वाले नेता, व्यापारी और पुलिस अधिकारी से बदला लेने का जो तरीका अपनाया, उसी तर्ज पर रतलाम जिले के एक किसान ने पत्नी के रेपिस्ट दबंग लोगों से बदला लेने की ठानी। रेप की घटना के बाद उसने मन ही मन योजना बनाई और बदला लेने खेत के ट्यूबवेल के पंप कनेक्शन में ऐसा विस्फोटक (डेटोनेटर)फिट किया कि सिंचाई के लिए ट्यूबवेल का बटन दबाते ही रेपिस्ट के चिथड़े उड़ गए। वह फिल्म के हीरो (अमिताभ)की तरह तीनों को मौत के घाट तो नहीं उतार पाया, लेकिन बचे हुए दो आरोपी पुलिस के शिकंजे में फसकर जेल चले गए।
आंखों के सामने पत्नी की आबरू लुटते देखी थी .....
बीते साल की इस घटना में गांव के तीन दबंग भंवरलाल पाटीदार, लालसिंह खतीजा और दिनेश ने उसी गांव में रहने वाले युवक सुरेश लोढ़ा की पत्नी के साथ गैंगरेप किया। सुरेश ने पत्नी को बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सका और तब दबंगों ने उसकी आंखों के सामने पत्नी से बलात्कार किया फिर उसे पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। उस वक्त वह आबरू लुटा चुकी पत्नी को लेकर घर चला गया और डर के कारण पुलिस को सूचना नहीं दी, लेकिन सुरेश बदले की आग में जल रहा था। करीब 6 माह तक चुप रहने के बाद उसने कसम खाई कि पत्नी की इज्जत लूटने वाले तीनों दबंगों को छोड़ेगा नहीं। उसने टीवी पर देखा कि डेटोनेटर और जिलेटिन छड़ों का उपयोग कर नक्सली पुलिस जवानों पर कैसे हमला कर चीथड़े उड़ा देते हैं, बस उसने रेपिस्ट को मारने की योजना बना ली, तब तक आरोपी भी बेफिक्र हो गए थे।
ट्यबवेल के स्टार्टर का बटन दबाते ही चीथड़े उड़ गए
रतलाम जिले में कुआ बनाने व मछली मारने में भी उपयोग आने वाले डेटोनेटर और जिलेटिन आसानी से मिल जाते हैं। सुरेश ने सिमलावदा निवासी बद्री पाटीदार से बड़ी संख्या में जिलेटिन की छड़ें और डेटोनेटर खरीदे। उसने पहला निशाना भंवरलाल को बनाया और उसे विस्फोट से उड़ाने खेत के ट्यूबवेल के स्टार्टर से डेटोनेटर व जिलेटिन को सेट कर दिया, लेकिन जिलेटिन की छडें़ कम थीं जिससे हल्का विस्फोट हुआ, और भंवरलाल बच गया। पुलिस ने जांच की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद सुरेश ने लाल सिंह पर नजर रखी और रैकी की। लाल सिंह फसलों की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर जाता था। इस बार सुरेश ने 14 जिलेटिन की छडें़ विस्फोट के लिए लगाईं। लाला सिंह ने जैसे ही स्टार्टर का बटन दबाया तो धमाके से लाल सिंह के चीथड़े उड़ गए। पुलिस ने इसकी पड़ताल की और सुरेश को गिऱफ्तार कर लिया।
दो रेपिस्ट मरने से बचे, लेकिन जेल भेजे गए
फिल्मी अंदाज में नक्सलियों के विस्फोट करने तरीके से प्रतिशोध लेने वाला सुरेश अपने तीनों दुश्मनों को विस्फोट से उड़ाना चाहता था। भंवरलाल को उसकी किस्मत ने साथ दिया,वहीं दिनेश की जान आरोपी सुरेश के पकड़े जाने पर बच गई, लेकिन सुरेश की पत्नी से किए गए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एसपी गौरव तिवारी ने भंवरलाल पाटीदार और दिनेश पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया।