ओमीक्रॉन की रिसर्च में विदेशी पार्सल से वायरस आने का खुलासा
कोरोना की तीसरी लहर और ओमिक्रॉन जैसे नए-नए वैरियंट पर चल रही रिसर्च और उसकी प्रमाणिकता पर उठ रहे सवालों के बीच चीन ने सनसनीखेज दावा किया है। चीन के वैज्ञानिकों ने कहा है कि उनके देश में कोरोना के नए वैरियंट की एंट्री की वजह विदेश से आने वाले लेटर और पार्सल हो सकते हैं। चीन के बीजिंग में ओमिक्रॉन से संक्रमित मिली पहली महिला की ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने के बाद भी न मिलने के बाद कहा गया कि महिला कनाडा से चलकर अमेरिका और हांगकांग होते हुए पहुंचे पार्सल खोलने की वजह से संक्रमित हुई। हालांकि विश्व के कई विशेषज्ञ चीन के दावे पर सवाल उठा रहे हैं और उनका कहना है कि इस थ्योरी पर विश्वास करना कठिन है। वहीं ये भी कहा जा रहा है कि वायरस का संक्रमण यदि इस तरह होने की प्रमाणिकता होगी तो नोट (करंसी ) लेना भी खतरे से खाली नहीं होगा।
कोरोना की पहली लहर में भारत में भी दहशत
कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने की वजहों में शामिल रही इस बात की चर्चा और दहशत भारत में आई पहली लहर के दौरान भी रही। हालांकि यहां के एक्सपर्ट्स की राय लेकर देश में अखबार और पत्रिकाओं से किसी तरह का संक्रमण न फैलने का भरोसा दिलाया गया था। वहीं अब तीसरी लहर और कोरोना के ओमिक्रॉन जैसे नए वैरियंट की रफ्तार और पॉजिटिव केसों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोत्तरी के दौरान एक बार फिर संक्रमण फैलने के कारकों की चर्चा चल रही है। यह भी कहा जा रहा है कि यदि चीन के दावों पर भरोसा करें तो लेटर-पार्सल के माध्यम से यदि वायरस का ट्रांसमिशन हो सकता है तो इसके अलावा नोट के लेन-देन से भी संक्रमण फैलने का खतरा हो सकता ह
चीन में जीरो कोविड पॉलिसी फेल
दुनिया भर में कोरोना फैलने का कारण बने चीन के दावों पर अब लोग कम ही भरोसा करते हैं। चीन में नए केस मिलने पर सख्त लॉकडाउन के साथ ही जीरो कोविड पॉलिसी के तहत भारी एहतियात बरते जाते है, फिर भी वहां संक्रमण पर काबू नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन में 90 फीसदी फुल वैक्सीनेशन होने के बाद भी ओमिक्रॉन के केस बढ़ रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि चीन दुनिया के सामने खुद को कोरोना फ्री दिखाने के चक्कर में असली आंकड़ छिपाता है। जहां तक लेटर-पार्सल से से संक्रमण फैलने का सवाल है तो एक्सपर्ट्स इस पर भरोसा नहीं कर रहे हैं।