रोटेशन, परीसीमन व आरक्षण के साथ दो माह में कराएं पंचायत चुनाव
भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ व पीसीसी चीफ कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर आरोप लगाया कि प्रदेश में पिछले तीन दिनों में हुई बारिश व भारी ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं और सरकार का कोई प्रबंध किए बिना मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सिर्फ बयान दे रहे हैं। हकीकत ये है कि किसानों को राहत नहीं पहुंच पा रही। कमलनाथ ने मांग की है कि किसानों तत्काल मुआवजा दिया जाए। वहीं पंचायत चुनाव टलने की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार पंचायत चुनाव कराना नहीं चाहती,सरकार का अध्यादेश असंवैधानिक था। उन्होने कहा कि अब रोटेशन, आरक्षण व परिसीमन के साथ चुनाव कराए जाएं।
कांग्रेस गांव-गांव में करेगी आंदोलन
कमलनाथ ने कहा कि बिना रोटेशन, आरक्षण व परिसीमन के चुनाव कराने की मंशा से साफ था कि भाजपा की नीयत सही नहीं है। उन्होने मांग की है कि अगले दो महीने में रोटेशन और परिसीमन और आरक्षण के साथ पंचायत चुनाव साथ कराए जाएं। यदि चुनाव नहीं कराए जाते हैं, तो गांव-गांव और ब्लॉक व जिला स्तर पर कांग्रेस का आंदोलन शुरू होगा।
भाजपा ओबीसी विरोधी, कांग्रेस ने 27 प्रतिशत आरक्षण दिया
कमलनाथ ने कहा कि भाजपा शुरू से ओबीसी विरोधी रही है। ओबीसी आरक्षण को कांग्रेस ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया। सरकार से सवाल किया कि 15 साल में पिछड़ा वर्ग के लिए कौन सा कानून बनाया, उन्हें क्या सुविधाएं दीं? अन्य पिछडा वर्ग के विद्यार्थियों को दी जाने वाली 1210 करोड़ की स्कॉलरशिप अटकी है। भाजपा ने अभी तक के कार्यकाल में ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण की बात नहीं की, जबकि कांग्रेस ने पहले 2003 में दिया। इसके बाद जब मैं मुख्यमंत्री बना, तो 2019 में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया,यह कांग्रेस की इच्छाशक्ति है जो ओबीसी के लिए समर्पित है।