दूसरी लहर में देखा था मौत का खौफनाक मंजर
गोरखपुर। जहां चुनाव और सियासी दलों का महंगा प्रचार अभियान चल रहा है, सत्ता छीनने और हासिल करने की जिद में कोरोना प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ रहीं हैं, वहां एक गांव ऐसा है जिसके नागरिक कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आहट का खौफ इस हद तक है कि लोग अपने मकानों में ताला डालकर चले गए हैं। इस गांव के लोगों ने कोरोना की दूसरी लहर में मौत का वो खौफनाक मंजर देखा था कि लोगों ने सरकार के आदेश के पहले ही लॉकडाउन लागू कर दिया है।
जो गांव में बचे हैं वे खुद को घरों में कैद किए हैं
देश में कोरोना की तीसरी लहर और मरीजों की संख्या बढ़ने के बीच यह बानगी है गोरखपुर जिले के गौनर गांव की। चौरी-चौरा इलाके के इस गांव ने पिछले साल दूसरी लहर में सैकड़ों लाशें जलते देखी और अपनों को खोया था। अब चुनावी हलचल के बीच तीसरी लहर के बारे में आ रही खबरों से दहशत में आए इस गांव की गलियों में सन्नाटा पसर गया। कई लोग अपने मकानों में ताला डालकर चले गए और जो लोग गांव में बचे हैं वे खुद को घरों में कैद कर लिए हैं। बताते हैं कि चौरी-चौरा के सरदारनगर ब्लाक के इस गांव में सिर्फ 15 हजार आबादी है और कुल 18 टोले हैं। यहां का एक भी टोला ऐसा नहीं बचा था जहां कोरोना से मौत न हुई हो। सिर्फ दो माह में करीब डेढ़ सौ लोगों की अर्थी उठी और मौतों से लोग ऐसे दहशत में हैं कि तीसरी लहर की आहट से ही कांप उठे।
कई लोग पलायन के बाद वापस ही नहीं लौटे
ग्रामीणों के मुताबिक यहां मौत के तांडव से लोग ऐसे सहम गए कि कई परिवारों ने गांव ही छोड़ दिया। उस समय कमिश्नर को प्रशासनिक अमले और स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ यहां कैंप करना पड़ा था। फिर भी दहशत ऐसी है कि उस वक्त गए कई लोग आज भी नहीं लौटे हैं। आज आलम ये है कि गांव के दर्जनों मकानों में ताला लगा हुआ है।