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कोरोना का इलाज करेगी ‘गोली’, एंटीवायरल ‘मोलनुपिराविर’ को मिली आपातकालीन मंजूरी

संक्रमण की तीसरी लहर, महंगे इलाज से भयभीत हैं लोग 

नई दिल्ली। कोरोना का कहर और संक्रमण की तीसरी लहर से ‘एंटीवायरल गोली मोलनुपिराविर’ बचाएगी! कोविड-19 के उपचार में बाबा रामदेव की ‘कोरोनिल’ भले ही विवाद में रही और इसके दावे-प्रतिदावे के चर्चे रहे, लेकिन भारत में मोलनुपिराविर को आपातकालीन मंजूरी मिलने के बाद इसे लॉन्च कर दिया गया है। मोलनुपिरावीर के अलावा कोवोवैक्स और कॉर्बेवैक्स को भी केंद्रीय औषिध मानक नियंत्रण संगठन ने मंजूदी दी है।

 क्या है एंटीवायरल गोली मोलनुपिराविर


‘मोलनुपिराविर’ का इस्तेमाल कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के इलाज में किया जाता है। इसे मरीजों को दी जाने वाली गोली का आकार दिया गया है। मरीज इसे आसानी से ले सकते हैं। ये गोली कोरोना वायरस को शरीर में फैलने से रोकती है और जल्द रिकवर होने में मदद करती है। संक्रमित मरीज को 12 घंटे के अंदर इसकी 4 गोलियां लेनी होंगी। इलाज के दौरान मोलनुपिराविर की गोलियों का 5 दिनों तक कोर्स लेना जरूरी है। 

गोली का कोर्स 5 दिन का और कीमत 1399 रुपए

संक्रमित मरीज के लिए पूरे 5 दिन के कोर्स के साथ ‘मोलनुपिराविर’ को 1399 रु . में लॉन्च किया गया। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन आरसी जुनेजा ने बताया कि, ये दवा अब तक की सबसे सस्ती एंटीवायरल दवा है, जिसकी एक गोली 35 रु पए की मिलेगी और 5 दिन का कोर्स 1399 रु पए में उपलब्ध होगा। माना जा रहा है कि, मोलनुपिराविर की गोलियां बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी। दरअसल, मेडिकल स्टोर्स पर इसे बेचने की सिफारिश की गई है, लेकिन दुकानदारों को बेचने के लिए कुछ निर्देश भी दिए जा सकते हैं। 

‘मोलनुपिराविर’ गोली खरीदने डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य

 विशेषज्ञों का कहना है कि इस दवा का उपयोग उन मरीजों के लिए किया जाएगा जो गंभीर रूप से कोरोना संक्रमण के शिकार हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। यह गोली मेडिकल स्टोर्स में भले ही आसानी से उपलब्ध हो जाए, लेकिन इसे खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य होगी। कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार ने ‘मोलनुपिराविर’ के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दी है, जिसका स्पष्ट मतलब है कि इसकी बिक्री नियंत्रित की जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के मुताबिक भारत की लगभग 13 दवा निर्माता कंपनियां घरेलू स्तर पर ‘मोलनुपिराविर’ बनाएंगी। इन कंपनियों में डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज, नैटको फार्मा, सिप्ला, स्ट्राइड्स, हेटेरो और ऑप्टिमस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। साभार: दैनिक भास्कर डॉट कॉम।

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