स्टेट बार काउंसिल के आग्रह पर हाईकोर्ट चीफ जस्टिस ने दिए वर्चअल सुनवाई के निर्देश
जबलपुर। मध्यप्रदेश में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच जबलपुर में गुरुवार की शाम मिली रिपोर्ट में 92 पॉजिटिव मिलने की खबर है, वहीं एक्टिव केसों की संख्या 235 हो गई है। उधर, राज्य शासन ने गंभीर हालातों के मद्देनजर एस्मा (इसेंशियल सिर्वसेस मेंटेनेंस एक्ट) लागू कर दिया है। इसका गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। एस्मा के तहत डॉक्टर, नर्स समेत स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारी कार्य करने से इंकार नहीं कर सकते। वहीं एमपी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आरवी मलिमथ ने एमपी स्टेट बार काउंसिल की मांग पर न्यायालयों में वर्चअल सुनवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने कोरोना प्रोटोकाल का सख्ती से पालन कराने और नागरिकों को सतर्क रहने की समझाइश देने के आदेश दिए हैं।
होम आइसोलेट मरीजों पर रखी जाएगी सख्त नजर
जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुररिया का कहना है कि जिले में कोविड संक्रमण बढ़ रहा है। पॉजीटिव आए ज्यादातर मरीज बाहर से यात्र करके लौटे हैं। सभी पॉजीटिव मरीजों के संपर्क में आए लोगों की कान्टेक्ट ट्रेसिंग कराई जा रही है। सभी होम आइसोलेट मरीजों पर विशेष नजर रखी जा रही है कि वे इसका पालन पूर्ण रूप से करें। होम आइसोलेट मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी के लिए कोविड केयर कंट्रोल रूम बनाया गया है। एक और कंट्रोल रूम टाउन हॉल में बनाया जाना है। इसकी तैयारी शुरू की जा रही है।
गृहमंत्री बोले- लॉकडाउन नहीं लगेगा, बाजार खुले रहेंगे
राज्य के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्र ने कहा है कि लॉकडाउन और बाजार बंद करने का अभी कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होने मास्क नहीं लगाने वालों पर कार्रवाई कर खुली जेल में डालने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा- मास्क नहीं लगाने वालों के लिए खुली जेल बनाने का प्रस्ताव है।
संक्रमित 84 फीसदी मरीज वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके
प्रदेश में बीते 24 घंटे में 1033 पॉजिटिव केस मिलने की खबर है। हॉट स्पॉट बन चुके इंदौर में एक दिन में 512 और भोपाल में 192 केस मिले हैं। मरीजों की जानकारी संकलित करने पर बताया गया कि संक्रमित मरीजों में 84 प्रतिशत ऐसे है जिन्हें वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी हैं। खास बात ये कि वैक्सीनेटेड होने से बनी एंटीबॉडी के कारण संक्रमित मरीजों की हालत गंभीर नहीं है।
मीडिया पर अघोषित इमरजेंसी, मौतों के आंकड़े से डरी सरकार
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री केके मिश्र ने आरोप लगाया है कि कोविड की व्यवस्थाओं में असफल और लाखों मौतों की जिम्मेदार और आंकड़ों से डरी शिवराज सरकार मीडिया पर अघोषित इमरजेंसी लगा रही है। मिश्र ने कहा कि हाल ही में सचिव स्वास्थ्य विभाग के हवाले से सरकार ने साफ निर्देश दिया है कि कोरोना को लेकर समाचार प्रसारित करने के पहले एसीएस, कमिश्नर व कलेक्टर सहित सीएमएचओ की पुष्टि व अनुमति ली जाए।