बूथ विस्तारक योजना में युवा मोर्चा की भागीदारी
भोपाल। अगले विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने मैदानी कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर हर बूथ का डिजिटल के साथ फिजिकल वेरिफिकेशन करने की योजना पर काम शुरू कर दिय है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने राजनगर विधानसभा के उदयपुरा पहुंचकर इसकी शुरुआत कर दी , वहीं प्रदेश के 65 हजार बूथों पर 100 घंटे विस्तारकों की सेवा का काम शुरू हो गया। हर कार्यकर्ता की डिजिटल डायरेक्ट्री तैयार करने निकले भाजपा के 20 हजार विस्तारक गुरुवार से 10 दिन के पार्टी यज्ञ में शामिल होने के लिए निकल पड़े हैं। इन बूथ विस्तारकों द्वारा बूथ का डिजिटल वेरिफिकेशन करने के साथ फिजिकल वेरिफिकेशन भी इस दौरान किया जाएगा। इनमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत समेत सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी भी शामिल हो रहे हैं। भाजपा युवा मोर्चा को भी बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
मुख्यमंत्री शिवराज शुक्रवार को सोनकच्छ में
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 21 जनवरी को सोनकच्छ में बूथ विस्तारक के रूप में एक बूथ में पहुंचेंगे। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने इस अभियान की शुरुआत अपने लोकसभा क्षेत्र खजुराहो से की है। वे राजनगर विधानसभा के उदयपुरा मंडल में बूथ क्रमांक 171 में शामिल विस्तारक के रूप में काम कर रहे हैं। दिन-भर विस्तारक की 22 गतिविधियों को पूरा करने के बाद वे बूथ समिति अध्यक्ष घर भोजन करेंगे। वीडी शर्मा अन्त्योदय समिति अध्यक्ष के घर भी जाएंगे और इसके बाद पन्ना में रात्रि विश्रम करेंगे। प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने इछावर विधानसभा, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मुरैना, फग्गन सिंह कुलस्ते ने लखनादोन, प्रहलाद पटेल ने जबेरा के तेंदूखेड़ा से बूथ विस्तारक योजना का गुरुवार को शुभारंभ किया। वहीं जबलपुर में भाजपा युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने कहा कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सक्रिय भागीदारी के साथ बूथ विस्तारक योजना में भागीदारी कर रहे हैं।
संगठन हाईटेक -एप में दर्ज होंगी सभी जानकारियां
विस्तारक का काम पूरा करने के लिए पार्टी ने संगठन एप बनाया है। इस एप के माध्यम से बूथ समिति, पन्ना समिति और की-वोटर्स का पंजीकरण किया जाएगा। जिसमें उनके नाम, नंबर एवं पता सहित तमाम जानकारी रहेगी। ऐप में समितियों के पंजीकरण के साथ ही एक रजिस्टर भी दिया गया है जिसमें भी सारी जानकारी दर्ज की जाएगी। प्रत्येक बूथ समिति के लिए साल भर में 22 काम तय हैं। जिनमें से 6 आयोजन विशेष तौर पर किए जाने हैं।