पंजाब, उत्तराखंड व गोवा में 14 फरवरी, मणिपुर में 27 फरवरी-3 मार्च को वोटिंग
नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का कहर और नए वैरियंट ओमिक्रॉन की देश भर में दहशत के बीच चुनाव होंगे या नहीं, इस उहापोह के विपरीत भारत निर्वाचन आयोग ने 5 राज्यों के चुनाव का ऐलान कर दिया है। खास बात ये कि चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नामांकन से लेकर चुनाव प्रचार करने और वोटिंग के लिए बूथों पर सतर्कता के स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर आयोग ने तारीखें तय कर दी हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्र ने बताया कि यूपी में 7 चरणों में 10 फरवरी से 7 मार्च तक वोटिंग होगी। पंजाब, उत्तराखंड व गोवा में एक साथ 14 फरवरी को वोट डाले जाएंगे और मणिपुर में 27 फरवरी व 3 मार्च को वोटिंग होगी। सभी राज्यों में 10 मार्च को वोटों की गिनती की जाएगी।
हेट स्पीच, फेक न्यूज व सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी नजर
चुनाव आयोग ने कोरोना प्रोटोकाल के साथ ही पांचों राज्यों में चुनाव के लिए कड़े दिशा निर्देश दिए हैं। खास तौर पर प्रचार के दौरान हेट स्पीच, फेक न्यूज व सोशल मीडिया पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। जारी किए गए निर्देशों को बिंदुवार ऐसे समझा जा सकता है।
1. 15 जनवरी तक रैली, जनसभा नहीं कर सकेंगे। वर्चुअल रैली और डोर टू डोर प्रचार करने की इजाजत। डोर टू डोर प्रचार में भी केवल 5 लोग ही जा सकेंगे।
2. 15 जनवरी के बाद कोरोना के हालात का रिव्यू किया जाएगा और फिर रैलियों व जनसभाओं पर फैसला लिया जाएगा। यदि रैलियों की इजाजत दी गई तो भी इसमें कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा।
3. हर रैली से पहले चुनावी उम्मीदवार से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने का शपथ-पत्र लिया जाएगा।
4. कोविड नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ महामारी एक्ट,एनडीएमए और आईपीसी के धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
5. राजनीतिक दलों को उम्मीदवारों और प्रत्याशियों को खुद भी अपना आपराधिक रिकॉर्ड बताना होगा।
6. सभी दलों और प्रत्याशियों को हेट स्पीच, फेक न्यूज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को लेकर बेहद सतर्क रहना होगा और इसकी निगरानी भी करनी होगी।
7. प्रत्याशी सुविधा ऐप के जरिए ऑनलाइन नॉमिनेशन कर सकेंगे।
8. सभी दलों और प्रत्याशियों को चुनावी अपराध के संबंध में एडवाइजरी जारी की जाएगी। कोड ऑफ कंडक्ट का सख्ती से पालन करना होगा।
चुनाव में हार-जीत तय करने वाले वोटर्स के लिए
1. कोरोना संक्रिमत भी वोट डाल सकेंगे। उनके लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा।
2. 80 प्लस सीनियर सिटिजंस और दिव्यांगों के लिए डोर स्टेप वोटिंग की सुविधा।
3. 16 प्रतिशत पोलिंग बूथ बढ़ाए गए हैं। 2.15 लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन बने हैं।
4. एक पोलिंग स्टेशन पर मैक्सिमम वोटर्स की संख्या 1500 से घटाकर 1250 कर दी गई।
5. महिला वोटर्स को बढ़ावा देने के लिए हर विधानसभा में कम से कम एक पोलिंग बूथ को विशेष तौर पर महिलाएं ही मैनेज करेंगी।
6. वोटर्स यदि चुनाव में धांधली देंखे तो सी-विजिल ऐप पर शिकायत कर सकते हैं। आयोग तत्काल कार्रवाई करेगा।