जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने की तैयारी
जबलपुर। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आहट मान चुकी राज्य सरकार ने सोमवार से शुरू हो रहे 15 से 18 साल के बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। इधर, भोपाल, इंदौर की तुलना में जबलपुर में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा फिलहाल राहत देने वाला है। जबलपुर में रविवार की शाम मिली रिपोर्ट के मुताबिक 4 नए पॉजिटिव केस मिले हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 15 जनवरी तक तय उम्र के सभी बच्चों को टीका लगाने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बताया कि बच्चों को टीका लगवाने सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
कोवैक्सीन ही लगेगी बच्चों को .........
राज्य सरकार ने 15 जनवरी का टारगेट देकर कहा है कि वैक्सीनेशन के लिए लम्बा इंतजार करने की जरूरत नहीं है। दूसरी तरफ 60 वर्ष से ऊपर के नागरिक और फ्रंटलाइन वर्कर्स को बुस्टर डोज लगाने की शुरुआत की जाएगी। कोरोना की तीसरी लहर आ चुकी है। नासिक से लौटने के बाद जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के साथ संवाद के दौरान सीएम ने कहा सरकार ने तय किया है कि ऐसे बच्चों को वैक्सीन सिर्फ सरकारी और निजी स्कूलों में ही लगाई जाएगी और कोवैक्सीन ही लगेगी। केंद्र सरकार ने कहा है कि बच्चों और बड़ों की वैक्सीन मिक्स न हो इसका ध्यान रखा जाए।
लॉकडाउन प्राथमिक समाधान नहीं: सीएम
अब तक की स्थिति में एमपी में पॉजिटिविटी रेट 0.24 प्रतिशत आ चुका है और यह बढ़ रहा है। ओमिक्रॉन के 11 केस एमपी में आ चुके हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि लॉकडाउन कोई प्राथमिक समाधान नहीं है। हम बचाव, सतर्कता का ध्यान में रखें। लॉकडाउन से गरीबों के लिए रोजी-रोटी का संकट हो जाता है, व्यापार में नुकसान होता है। जहां तक हो सके हम अपनी आदतों में बदलाव से कोरोना को दूर रखें। निजी अस्पतालों में इलाज के लिए शासन द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिए जाए, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित रखें। कोई पीड़ित से मनमानी वसूली न कर सके, इस पर ध्यान रखना है।