नई दिल्ली। कोरोना वायरस का ओमिक्रॉन वैरिएंट दुनियाभर के लिए मुसीबतों का कारण बना हुआ है। इस बीच ओमिक्रॉन की रोकथाम और बचाव के उपायों को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की एक टीम ने राहत भरी जानकारी साझा की है। वैज्ञानिकों ने एक ऐसे एंटीबॉडी की पहचान की है जो ओमिक्रॉन और कोरोना वायरस के अन्य प्रकारों को भी बेअसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। नेचर जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने बताया कि जिस एंटीबॉडी की पहचान की गई है वह कोरोना वायरस के तमाम वैरिएंट्स के उस हिस्से को लक्षित कर उसे बेअसर कर सकती है जो वायरस के म्यूटेशन के दौरान सामान्य तौर पर परिवर्तित नहीं होते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस शोध के आधार पर वैक्सीन और एंटीबॉडी उपचार को डिजाइन करने में मदद मिल सकती है, जो न केवल ओमिक्रॉन बल्कि भविष्य में उभरने वाले अन्य वैरिएंट्स के खिलाफ भी प्रभावी होंगे।
शोधकर्ताओं का दावा, 37 म्यूटेशनों की जानकारी मिली
यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन स्कूल ऑफ मेडिसिन में एसोसिएट प्रोफेसर डेविड वेस्लर कहते हैं, इस अध्ययन के दौरान हमने पाया कि वायरस के स्पाइक प्रोटीन के साइटों को लक्षित करने वाले एंटीबॉडीज को टारगेट करके इसको बढ़ने से रोकने में सफलता मिल सकती है। जैसा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में करीब 37 म्यूटेशनों के बारे में पता चला है, जो कि इसे अत्यधिक संक्रामक और मानव कोशिकाओं में आसानी से प्रवेश करने के योग्य बनाता है।
अध्ययन में क्या पता चला
यह जानने की कोशिश की, कोशिकाओं की सतह पर प्रोटीन के अच्छी तरह से बाइंडिंग में अलग-अलग वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन कितने सक्षम हो सकते हैं? इस प्रोटीन को एंजियोटेंसिन कनवटिर्ंग एंजाइम -2 (एसीई 2) रिसेप्टर कहा जाता है। पाया गया कि महामारी की शुरूआत में आए वायरस में पाए जाने वाले स्पाइक प्रोटीन की तुलना में ओमिक्रॉन के स्पाइक प्रोटीन इसके 2.4 गुना बेहतर ढंग से बाइंडिंग में सक्षम थे। यानि कोरोना का यह नया रूप अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
जबलपुर में मिले 3 नए पॉजिटिव
मध्यप्रदेश में कोरोना की रफ्तार बढ़ती जा रही है। पिछले 24 घंटे में 48 केस सामने आए हैं। इसमें से 37 को वैक्सीन के दोनों डोज लगे हैं। इंदौर लौटी एक महिला दुबई में चार डोज लगवा चुकी थी, वह भी संक्रिमत पाई गई है। ताजा आंकडों में सबसे ज्यादा इंदौर में 32 पॉजिटिव आए हैं। भोपाल में 6 मरीज मिले हैं। यहां दुबई से लौटा एक व्यक्ति संक्रिमत आया है, जिसकी जीनोम सिक्वैसिंग के लिए सैंपल भेज दिया गया है। जबलपुर में बुधवार को 3 पॉजिटिव मिले हैं जबकि महाकोशल के अन्य जिलों में नरसिंहपुर के अलावा मरीज नहीं मिले। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्र ॉन के प्रदेश में अब तक 9 मरीज मिले हैं। इसमें से 7 मरीज ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में एिक्टव मरीजों की संख्या 307 पहुंच गई है। प्रदेश में 28 दिनों में 631 संक्रिमत मिल चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा इंदौर में 279 और भोपाल में 211 शामिल हैं।