2014 के आरक्षण रोस्टर के आधार पर दी गई है निर्वाचन प्रक्रिया को चुनौती
जबलपुर। 2014 के आरक्षण रोस्टर के आधार पर मध्यप्रदेश त्रिस्तरीय पंचायतराज चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाने से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने इंकार कर दिया है। चीफ जस्टिस रवि मालिमठ और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बैंच ने कहा कि इस मामले पर पहले ही ग्वालियर हाईकोर्ट बैंच ने स्थगन आदेश नहीं दिया है लिहाजा यहां से भी स्थगन आदेश नहीं दिया जा सकता। मामले पर राज्य सरकार का जवाब आने पर बैंच इसकी आगे सुनवाई करेगी।
बहस के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने पंचायतराज अधिनियम की धारा 243 सी और डी का उल्लंघन कर चुनाव प्रक्रिया कराए जाने का आरोप राज्य सरकार पर लगाते हुए मांग की थी कि संविधान में वर्णित प्रावधानों का पालन कराया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई जारी रखी है। उल्लेखनीय है कि भोपाल जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मनमोहन नागर और नरसिंहपुर जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष संदीप पटेल सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने त्रिस्तरीय निर्वाचन-2020 में आरक्षण प्रक्रिया को चुनौती दी है। मामले से जुड़े कुछ पक्षकार इस दौरान सुप्रीम कोर्ट भी जाने की बात कह रहे हैं। इस पर कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट जाने की स्वतंत्रता भी पक्षकारों को दी है। वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।